सीता स्वयम्बर परशु राम लक्ष्मण संवाद की लीलाए दिखाई गई

लखीमपुर खीरी , 321

लखीमपुर खीरी। मितौली तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कल्लुआ मोती बाबा श्री गुलरदास आश्रम प्रांगण में सात दिवसीय चौबीसवीं श्री विष्णु महायज्ञ  महारास लीला एवं सन्त सम्मेलन आयोजित हो रहा है। आज अपराह्न बेला में बृन्दावन से लडडू गोपाल लीला संस्थान मंडली द्वारा सीता स्वंयमवर , रावण बाणा सुर, परशुराम लक्ष्मण  संवाद, सुंदर जीवंत झांकिया दिखाकर दर्शकों का मनमोह लिया।
रावण बाणा सुर संवाद, सीता स्वयंवर, परशुराम लक्ष्मण संवाद,  का भव्य एवं जीवंत मंचन किया। राजा जनक के राजमहल में आयोजित जगत जननी सीता के स्वयंवर में ऋषि विश्वामित्र के साथ दोनों भाई राम- लक्ष्मण पहुंचते हैं,वहीं विभिन्न देशों के राजा भी सीता स्वयंवर में पहुंचते हैं जहां रखा शिव धनुष उठाने का विभिन्न राजा प्रयास करते हैं किन्तु शिव धनुष को उठाना तो दूर की बात कोई धनुष को हिला भी नहीं पाया।
अन्त में ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम जैसे ही धनुष को उठाकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ाने लगते हैं धनुष टूट जाता है। धनुष टूटते ही आकाश से देवता पुष्प वर्षा करने लगते हैं इसी बीच परशुराम पहुंच जाते हैं और क्रोध से आग बबूला हो उठते हैं क्रोधित परशुराम - लक्ष्मण के बीच व्यापक वार्तालाप होता है जिसके बाद भगवान श्रीराम लक्ष्मण को शान्त करते हुए स्थित संभाल लेते हैं, परशुराम लक्ष्मण संवाद सुनकर दर्शकों ने तालियां बजाते हुए कलाकारों का जमकर उत्सावर्धन किया। जगत जननी मां सीता जैसे ही भगवान श्री राम के गले में वरमाला डालती हैं सभी दर्शको ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए और पुष्प वर्षा की। यज्ञाचार्य पंडित बृजेन्द्र शर्मा व वैदिक मंडल द्वारा सप्तदिवसीय यज्ञ में वैदिक मंडल द्वारा वैदिक मंत्रोउचारण से आहुति दी गई।मुख्य यजमान पंडित भगवानदीन आचार्य ।यज्ञ की पूर्णआहुति के उपरांत  कन्या भोज विशाल भन्डारे का आयोजन किया गया।

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