घर से होती है संस्कारों की पहली पाठशाला
लखीमपुर खीरी Mar 18, 2024 at 10:57 PM , 130गोला गोकरननाथ खीरी
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई कृषक समाज इंटर कॉलेज के सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन सोमवार के मुख्य अतिथि समाज समाजसेवी ठाकुर प्रसाद गंगवार रहे। उन्होंने कहा बच्चों को संस्कार के बारे में जानकारी दें। कहा कि संस्कारों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। यदि संस्कार न हों तो हमारी सामाजिक जिम्मेदारियां और सामाजिक भागीदारी शून्य होगी। संस्कारों की पहली पाठशाला घर से शुरू होती है। हम जो घर से सीखते हैं, वही बाहर करते हैं। इसके बाद स्कूल में संस्कारों का समायोजन होता है। इसके अलावा संस्कारों में एक अहम संस्कार है, जिसे परोपकार कहा जाता है। परोपकार के जरिए ही समाज में हम एक दूसरे की भावनाओं को समझ पाते हैं। इसी के जरिए हम एक दूसरे की मदद के लिए प्रेरित होते हैं। यदि यह संस्कार न हो तो हम समाज में कोई स्थान प्राप्त नहीं कर सकते। संस्कारों की कड़ी में हमें परोपकार के बारे में पता होना चाहिए और इसका अनुपालन भी सुनिश्चित करना चाहिए। तभी हम समाज में विशिष्ट स्थान बना पाने में कामयाब हो सकते हैं। द्वितीय सत्र में विशिष्ट अतिथि डॉ डेविड वर्मा ने मेडिकल कैंप लगाकर बच्चों को स्वच्छ एवं स्वस्थ रहने की सलाह दी। उन्होंने ब्लड ग्रुप की जांच करके ब्लड ग्रुप के बारे में जानकारी दी सड़क दुर्घटना में रुधिर की कमी ना हो इसलिए ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी ब्लड डोनेट के लिए लोगों को प्रेरित करे।
स्वयंसेविका छात्रा हाजरा फातिमा ने महिला सशक्तिकरण पर भाषण दिया कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी डॉ अनिल कुमार, श्याम सिंह , सरोज कुमार वर्मा, सत्यवती गौतम, मनीषा भारती, संचालन ओम प्रकाश यादव ने किया।






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