गीता मनुष्य को आदर्श व श्रेष्ठ बनाने के लिए "सक्षम शुक्ल"

लखीमपुर खीरी , 129

के. के. शुक्ला
लखीमपुर खीरी/ पलिया कलां। नगर के एक पैलेस मे सांस्कृतिक आध्यात्मिक और धार्मिक श्रीं सुन्दर काण्ड पाठ समाज सेवा मंडल पलिया कलां के तत्वावधान में गीता जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई तथा मण्डल के संरक्षक निरंकार प्रसाद बरनवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत गीता दुनिया का सबसे पवित्र व श्रेष्ठ ग्रंथ है। वहीं मण्डल के संस्थापक अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा ने बताया कि आज ही के पावन दिन कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया था। तभी से गीता जयंती मनाई जाती है।
         गीता का उपदेश मनुष्य का जीवन को आदर्श व श्रेष्ठ बनाने के लिए प्रेरित करता है साथ ही यह एक ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनाई जाती है। मंच के संस्थापक सदस्य राकेश कुमार मिश्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गीता में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन के मन में महाभारत युद्ध के दौरान पैदा होने वाले भ्रम को दूर करते हुए जीवन को सुखी व सफल बनाने के लिए उपदेश दिए थे।
     वहीं वरिष्ठ पत्रकार रामचंद्र शुक्ल ने अपने उद्बोधन में कहा कि अपने धर्म और कर्म को सर्वोपरि रखते हुए हमें अपने जीवन को जीना चाहिए। इस दौरान मुकेश अरोड़ा,सक्षम शुक्ला, अशोक कुमार गुप्त"बडे", रामसागर गांधी, समाज सेविका कुमकुम बरनवाल, कैलाश चंद्र गुप्ता, शिवम् अग्निहोत्री,बेद राम लोधी, आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम में मौजूद सभी धार्मिक वक्ताओं ने गीता को लेकर अपने-अपने विचार व्यक्त किये संचालन वरिष्ठ पत्रकार विश्वकांत त्रिपाठी ने किया।
         कार्यक्रम के अंत में सुन्दर काण्ड पाठ समाज सेवा मंडल के स्थापक निरंकार प्रसाद बरनवाल को गीता भेंटकर  तथा अध्यक्ष को गर्म लोई पहना कर मंडली ने सम्मानित किया गया।

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