ग्रामीणों की समस्या बनी बदहाल ढाका की गौशाला-संजीव ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी पेशकार को सौंपा

लखीमपुर खीरी , 288

 

पलियाकलां-खीरी। यहां से 7 किलोमीटर दूर ग्राम ढाका में स्थित गौशाला का इन दिनों काफी बुरा हाल है । इसके चलते जहां उसमें बंद भूखे- प्यासे पशु अस्थाई घेरा तोड़ ग्रामीणों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं असमय ही उनकी मौत भी हो रही है। गौशाला कर्मचारी इन मरी गायों को उसी के अंदर दफन भी कर देते हैं। इससे उस कैंपस के अंदर बना स्वास्थ्य उप केंद्र भी नहीं चल पा रहा है। इन्हीं समस्याओं को लेकर आज ग्रामीणों ने पूर्व विधायक पुत्र संजीव कुमार मुन्ना के नेतृत्व में गौशाला गेट पर जोरदार प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी की गैरमौजूदगी में उनके पेशकार को सौंपा।        राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नगरपालिका पलिया ने शहर में गौशाला का निर्माण न कराकर 7 किलोमीटर दूर ढाका ग्राम में अस्थाई घेरा बनवाकर शहर में आवारा घूम रहे गोवंशीय पशुओं को बंद कर रखा है। इन पशुओं के खाने- पीने की भी समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। नतीजा बंद पशु असमय ही मौत के मुंह में पहुंच रहे हैं ,जिन्हें वहां रखे गए कर्मचारी जेसीबी से उसी के अंदर गड्ढा खोदवाकर दफन कर देते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ पशु घेरा तोड़कर बाहर भाग गांव के किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। खास बात यह है कि जब गांव के लोग आवारा पशुओं को लेकर गौशाला पहुंचते हैं ,तो उन्हें नहीं लिया जाता। कर्मचारी केवल नगर पालिका पलिया क्षेत्र के आवारा पशुओं को रखने की बात करते हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने आज सोमवार को गौशाला के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर नगर पालिका पलिया के विरुद्ध भारी नारेबाजी की और पलिया तहसील पहुंच राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी की गैरमौजूदगी में उनके स्टैनों को सौंपा। ज्ञापन पर संजीव कुमार मुन्ना के अतिरिक्त विजय ,सचिन गुप्ता, अफसर ,ध्रुव सिंह ,रविंद्र कुमार, अनुभव कुमार सिंह, मुख्तार अली ,अमन सिंह, आजाद ,मुरली, अहमद, रामसागर, जसपाल आदि अनेक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।


लखीमपुर-खीरी।  मुख्यमंत्री युवाओं को नोकरी देने के वादे से सत्ता में आये थे तो बैंक ने उनके वादे को पूरा किया जनपद खीरी में जो बेरोजगार मिले उन्हें नोकरी पर रख लिया गया जनपद खीरी मे पहली बात कोई नोकरी निकलती नही और निकलती भी है तो कोई बेरोजगार मिलता नही हाँ पार्टी में बेरोजगार कार्यकर्ता तो है लेकिन पार्टी कार्यकर्ता नही खोना चाहती अगर उन्हें नोकरी दे दी तो उनके पास रोजगार हो जाएगा फिर पार्टी का काम भी पूरा समय देकर नही करेंगे कार्यकर्ता बेरोजगार रहेगा तभी पार्टी को समय देकर कार्य करेगा फिर कार्यकर्ता के पास घूस देने के लिए बड़े बड़े गांधी छाप नही है और न कोई कार्यकर्ता से लेगा इसलिए पहले मिलकर आपस मे बाँटलो बाकी बचे तो बेंच लो फिर जब मंत्री सांसद विधायक इस बन्दर बांट में शामिल हो तो क्या कहना ।पता चला है कि फाइल जांच के लिए गई है विभागीय मंत्री के स्तर से दबा दी गई है माननीय मुख्यमंत्री जी को इसका संज्ञान लेकर जांच कराकर मंत्री समेत दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए बेरोजगारों को नोकरी दिलाकर अपना वादा पूरा करना चाहिए।

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