कोविड 21 पहली लहर (कोविड) 19 से भिन्न एंटीजन, आरटी पीसीआर के साथ एक्सरे व सीटी स्कैन भी जरूरी-डॉ संजय तोमर
लखीमपुर खीरी May 06, 2021 at 09:24 PM , 402लखीमपुर खीरी। जिले के वरिष्ठ पैथालाजिस्ट/रेडियोलॉजिस्ट डॉ संजय तोमर ने कोरोना संकट पर प्रेस से लम्बी बातचीत करते हुए कहा कि कोरोना की दूसरी लहर कोविड 19 से भिन्न है। इसे कोविड 21 कहना उचित होगा।इसमें चार वैरिएंट होते है। इनमे यूके स्ट्रेन , ब्राजीलियन स्ट्रेन, साउथ अफ्रीकन स्ट्रेन शामिल है। इंडियन डबल म्यूटेंट स्ट्रेन तेजी से फैलता है। बच्चों में भी फैल रहा है। शरीर मे इम्युनो इंफ्लामेशन, थ्रामबोई इंफ्लामेशन व रक्त में थक्के हो जाते है। डॉक्टरों को डायग्नोज करने में दिक्कत हो रही है । आरटी पीसीआर तीन जीन्स ई जीन, आरडीआरपी जीन, ओआरएफ 1 ये के ऐम्प्लीफिकेशन सिद्धांत पर कार्य करता है।यूके स्ट्रेन जीन का दिलीशन हो जाता है जिससे मरीज नेगेटिव आ जाता है। कोविड 19 में वायरस 3 या 4 दिन में फेफड़े में पहुंचता था। इसके विपरीत कोविड 21 का फेफड़े में संक्रमण दूसरे दिन हो जाता है। कई मामलों में आरटी पीसीआर नेगेटिव आ जाता है जबकि फेफड़े में इंफेक्शन होता है। डॉ संजय ने बताया निमोनिया के टेस्ट में फेफड़े का सैम्पल लेना पड़ता है जो कई चिकित्सक नही कर पाते हैं। मरीज की सीबीसी व सीआरपी जांच भी जरूरी होती है। एंटीजेन, आरटी पीसीआर जांच के साथ तत्काल एक्सरे या सीटी स्कैन जरूरी है। कुछ डाक्टर कई अन्य ब्लड टेस्ट कराते है जैसे सीरम फेरेटिन, डिजायमर, आईएल 6 ,एलडीएच आदि। डॉ तोमर ने बताया कि फेफड़े वायरस नही इन्फेक्टेड करता है बल्कि जब रोग प्रतिरोधक क्षमता वायरस को बाहर करती है तब मरीज तो नेगेटिव हो जाता है। इस प्रक्रिया में फेफड़ो में सूजन आ जाती है जिससे सांस की समस्या पैदा हो जाती है। हार्ट अटैक होने की भी संभावना रहती है।






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