*सुहेली नदी की सफाई को लेकर सैकड़ों क्षेत्रवासी अनिश्चितकालीन धरने पर।*

लखीमपुर खीरी , 0

(दुधवा की लाइफ लाइन कही जाने वाली सुहेली नदी वर्षों से बंद, बाढ़ और फसल बर्बादी से परेशान ग्रामीणों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी)

पलिया कलां/बंसीनगर, लखीमपुर खीरी। दुधवा क्षेत्र की जीवनदायिनी मानी जाने वाली सुहेली नदी की वर्षों से बंद पड़ी धारा की डिसिल्टिंग कराने और नकहुआ पुल की सफाई की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। रविवार को बंसीनगर-दुधवा-गौरीफंटा मार्ग के किनारे सैकड़ों क्षेत्रवासी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से सुहेली नदी की सफाई और सिल्ट हटाने का कार्य नहीं होने के कारण नदी का प्रवाह प्रभावित है। बरसात के दौरान पानी की निकासी बाधित होने से आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है। इसका सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ता है और हर वर्ष ग्रामीणों को जलभराव व फसल बर्बादी की समस्या से जूझना पड़ता है।
धरने पर बैठे लोगों ने नकहुआ पुल की सफाई और नदी की डिसिल्टिंग को तत्काल कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सुहेली नदी केवल क्षेत्र के लोगों और किसानों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह दुधवा के जंगल और वन्यजीवों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण जलधारा है। नदी के अवरुद्ध होने से जंगल और वन्यजीवों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब क्षेत्रवासियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है।
धरने पर बैठे लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा भूख हड़ताल शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
सैकड़ों लोगों के धरने पर बैठने से बंसीनगर-दुधवा-गौरीफंटा मार्ग पर भी लोगों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर गया है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सुहेली नदी की तत्काल डिसिल्टिंग कराकर नदी के प्रवाह को सुचारु किया जाए तथा नकहुआ पुल की सफाई कराकर जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि क्षेत्र को हर वर्ष आने वाली बाढ़ और जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।

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