किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग

लखीमपुर खीरी , 0

(मनोज मिश्र)

धौरहरा-खीरी।
 हाल के दिनों में हुई तेज हवाओं के तेज थपेड़ो के बीच बरसी (आफत) बरसात से क्षेत्रीय किसानों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर मुआवजा दिलाने की मांग उठाई गई है। इसी क्रम में बीते दिनों भारतीय किसान यूनियन के लखनऊ मण्डल उपाध्यक्ष पवन पाठक ने एसडीएम की गैरमौजूदगी में नायब तहसीलदार धौरहरा बीरेंद्र यादव व शनिवार को एडवोकेट कन्हैया बाजपेई ने तहसील धौरहरा पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि क्षेत्र में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी विभिन्न फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है। कई स्थानों पर फसलें खेतों में गिर गई हैं। जिससे किसानों के सामने आर्थिक नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो गई है। किसानों के आगे भुखमरी का संकट उत्पन्न हो गया है।किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुई क्षति की भरपाई के लिए प्रशासन की ओर से नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
ज्ञापन में कन्हैया बाजपेई ने मांग की कि प्रभावित गांवों में राजस्व विभाग के लेखपालों एवं संबंधित अधिकारियों के माध्यम से फसलों का सर्वेक्षण कराया जाए। उन्होंने सर्वेक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि नुकसान का आकलन वास्तविक स्थिति के आधार पर किया जाए, ताकि किसी पात्र किसान का नाम सर्वेक्षण से छूट न जाए।उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की कि जिन किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ है, उन्हें शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। सर्वेक्षण के दौरान खेत-खेत जाकर फसल क्षति का जायजा लेने और प्रभावित किसानों की शिकायतों को भी दर्ज करने की मांग की गई।
किसानों का कहना है कि तैयार फसल केला,धान,गन्ना,उर्द आदि में अत्यधिक बारिश और आंधी के आने  से हुई तेज बारिश और हवाओं से सारी फसलें जबर्दस्त तरीके से प्रभावित हुई है ।  
ऐसे में समय से सर्वेक्षण और मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने पर प्रभावित किसानों को राहत मिल सकती है।श्री कन्हैया बाजपेई ने कहा कि फसलो के क्षति का सर्वे लेखपालों द्वारा पूरा कराकर पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता, क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने  कार्रवाई की जाए।
 तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि इस मामले में हमने लेखपालों से फसल अनुदान के लिए आंकलन करने को निर्देशित किया।हमारा वादा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति मुआवजे से वंचित नहीं रहेगा।

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