मिशन शक्ति कार्यक्रम में कोतवाल भानु प्रताप सहित पुलिस स्टाफ भूल गए मास्क लगाना पलिया कोतवाल खुद नहीं लगाते मास्क कैसे जागरूक होंगे लोग

लखीमपुर खीरी , 195

पलियाकलां-खीरी। शुक्रवार को पलिया कोतवाली में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा हेतु चलाए गए मिशन शक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्र के तहत कोतवाली परिसर में बनाये गए महिला हेल्प डेस्क का पलिया विधायक रोमी साहनी ने फीता काटकर किया शुभारंभ किया। इस दौरान पलिया कोतवाली में कोतवाल सहित पूरे स्टाफ बिना मास के कार्यक्रम की धज्जियां उड़ाते हुए नजर आए जिस तरीके से सरकार व प्रशासनिक लोग लगातार कोरोना महामारी को लेकर जागरूकता अभियान चलाते हुए दिशा निर्देश दे रहे हैं। तो क्या कोतवाली पुलिस इसका पालन कर रही है यह तो बिना मास्क में खड़े पलिया कोतवाल सहित दर्जनों पुलिसकर्मियों को साफ देखा जा सकता है। वही पलिया पुलिस सर्वजनिक जगहों पर बिना मास्क लगाए लोगों का चालान करते हुए संबंधित शुल्क भी वसूल कर रही है लेकिन पलिया कोतवाली में शुक्रवार को मिशन शक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें वीडियो फोटो और फोटो में साफ देखा जा रहा है कि ना तो कोतवाल भानु प्रताप सिंह ने मास्क लगाया है और ना ही मझगई चैकी इंचार्ज उग्रसेन व क्राइम स्पेक्टर सहित दर्जनों पुलिसकर्मियों के चेहरे पर मास्क नहीं नजर आया। इसी पर एक संदेश यह भी जताया जा रहा है की नगर में जिस तरीके से बिना मास्क पहने लोगों का चालान किया जाता है वह खाली लोगों को प्रताड़ित करने व परेशान करने के लिए तो नहीं किया जाता है अब देखना यह है कि पलिया कोतवाली में दर्जनों पुलिस कर्मियों ने मास्क नहीं लगाया है क्या एसपी साहब इन लोगों का चालान करते हैं यह सिर्फ आम लोगों के ऊपर ही कोरोना महामारी का नियम कानून लागू होता है।
मास्क पहनने की सलाह देने वाले खुद लापरवाह-
एक ओर पूरी सरकारी मशीनरी नो मास्क-नो एंट्री अभियान को सफल बनाने में जुटी है। घर-घर पहुंच लोगों को कोविड़-19 महामारी से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन पलिया कोतवाल प्रभारी व पुलिसकर्मी ही मास्क का उपयोग नहीं कर रहें हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब आमजन को मास्क पहनने का मशविरा देने वाले ही नियम की पालना नहीं करेंगे तो फिर पब्लिक में क्या संदेश जाएगा।
घर-घर वितरित किए जा रहे हैं मास्क
आपको बता दें कि पलिया क्षेत्र में लगातार समाजसेवी द्वारा मास्क वितरण करते हुए लोगों को कोरोना से जागरूक करने के लिए नो मास्क नो एंट्री अभियान चलाया जाता है और लोगों को मुफ्त मास्क वितरित किए जा जाते है। साथ ही मास्क पहनने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन मास्क नहीं पहन अभियान की अनदेखी कर पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी ही इसकी सफलता को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं।

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