पूर्व विधायक जहां खड़े हो जाते थे वही से लाइन शुरू हो जाती थी करोड़ पतियों तुम्हें चुनौती है मुन्ना को हरा के दिखाओ हमें कानून का पहाड़ा मत पढ़ाओ मुन्ना आठवा फेल है

लखीमपुर खीरी , 392

के0के0शुक्ला/विश्वकान्त त्रिपाठी
पलियाकलां लखीमपुर खीरी। हर.दिल अजी़ज गरीब गुरवा और असहाय पीडित के मसीहा के रूप मे एक सामान्य ब्राह्मण परिवार से वन व पुलिस विभाग के अत्याचार से त्रस्त होकर वर्ष 1989 के आम विधानसभा चुनाव मे 56 निघासन से राजनीतिक कैरियर शुरू करने से पूर्व मुन्ना एक साधारण सा जीनव यापन कर खेती किसानी के गांव की राजनीति तक ही.सीमित थे,लेकिन वन व पुलिस ने मिलकर कई झूठे मुकदमों ने मुन्ना  को कचहरी से विधानसभा तक पहुचा दिया।पहले चुनाव मे ही मुन्ना ने छाता चुनाव निशान से चुनाव लडकर कांग्रेस से दो बार विधायक रह चुके सतीश अजमानी को चारो खाने चित्तकर पहली बार निघासन 56विधानसभा की मेजवानी कर निर्दलीय विधायको के मुखिया बन गये। कम पढा लिखा होना उनके लिये हमेशा वरदान सिद्ध हुआ वह सरकारी कर्मचारियों से कहते थे कि हमें कानून का पहाड़ा मत पढ़ाओ मुन्ना आठवा फेल है साथ ही कहते थे कि मै आठवीं जरूर फेल हूं पढा कम हूं लेकिन कढा अच्छी तरह से हूं जनता ने हमे काम करने के लिये विधायक चुना है मै लीगल अन्लीगल नही जानता मेरा मक्सद जनता को न्याय दिलाना है। कई बार निरवेन्द्र कुमार मिश्र उर्फ मुन्ना अपनी सरकार के खिलाफ ही धरना-प्रदर्शन कर जनता की सुख सुविधा के लिये सडक पर भी बैठ जाया करते थे। ,वर्ष1989 मे वनी अल्पमत की सरकार कुछ दिन मे गिर गयी और पुनरू वर्ष 1991 मे फिर आम चुनाव हुआ मुन्ना ने फिर निर्दलीय विधायक के रूप मे लढिया (बैलगाड़ी) चुनाव निशान से एक नारा दिया-- (करोड़पतियों तुम्हें चुनोती मुन्ना को हरा के दिखाओ) और जनसंघ के पंडित रामासरे शुक्ला को कुछ सौ मतो से पछाड कर अपनी हैट्रिक बनाई रखी मुन्ना के वाहन मे हमेशा दो हारन लाउडस्पीकर हमेशा बधे रहते थे जिससे उन्हे एक नया नाम भोपू वाले विधायक का मिला लखनऊ की सडको से लेकर निधासन विधानसभा की गलियों तक भोपूं की आवाज गूंजती थी।
       लेकिन यह सरकार भी कुछ ही दिन चली और समय पूरा नही बीता सरकार गिर गयी 1993 के आम चुनावों मे मुलायम सिंह यादव की समाज वादी पार्टी से सायकिल चुनाव निशान से चुनाव जीतकर भारतीय जनता पार्टी के रामचरन शाह को चारोखाने चित कर तीसरी बार भी जनता के बादो पर खरे उतरे। मुन्ना के साथ बडी विसंगति रही कि कोई भी कार्यकाल पूरा नही हुआ कम समय मे ही सरकारे गिरती रही। फिर भी मुन्ना का हौसला नही डिगा और यह जनता की सेवा मे तल्लीनता से जुटे रहे। जनता के दिलो पर अपनी अमिट छाप रखने वाले निरवेन्द्र कुमार मिश्र की भैय्या और ददुआ जैसे संम्बंधन करने बाती चिरपरिचित आवाज 06 सितम्बर 2020 को कुछ भूखे भूमाफियाओं ने चमकते चांदी के सिक्कों से हमेशा हमेशा के लिये दबा दी। लेकिन गरीब असहायो के दिलो मे मुन्ना हमेशां जीवित है और रहेगा। इस मौत से पलिपा और निधासन क्षेत्र की आम जनता को गहरा दुख हुआ है मुन्ना दल की बात न कर दिल की बात करने वाले क्षेत्र के एकलौते नेता थे चाहे कोई दल हो या पार्टी सभी मुन्ना का पूरा सम्मान करते थे। उनके कार्यों व नेक व्यवहार को कभी भुलाया नही जा सकता। निघासन क्षेत्र के सैय्यद फार्म निवासी सामाजिक कार्यकर्ता जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सैय्यद मकसूद अली गुड्डू ने कहा कि पूर्व विधायक मुन्ना जमीनी नेता थे जनता के दुरूख को अपना दुरूख समझते थे और अपनी सादगी तथा गांधी वादी सत्य अहिंसा के पुजारी होने साथ ही मन क्रम और वचन से पूरी तरह इमानदार नेता अब होना सम्भव ही नही ना मुमकिन भी हैं। वह इमानदारी के लिए पहचाने जाते थे। पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से जनपद वाशियों ने एक अच्छा जमीनी नेता खो दिया। मकसूद अली गुड्डू ने यह भी कहा कि निरर्वेन्द्र मिश्र मुन्ना एक ऐसे विधायक थे जिन्हें भीड़ को एकत्र करने की जरूरत नही होती थी वो जहां खड़े हो जाते भीड़ वही जमा हो जाती थी। उन्होंने यह भी कहा कि हमें वो नारा कभी नही भूलेगा जो मुन्ना अपने चुनाव में लाये थे। (करोड़पतियों तुम्हें चुनोती मुन्ना को हरा के दिखाओ) और करोड़ पतियों को चुनोती देते हुए तीन बार चुनाव जीते जिसमे दो बार निर्दलीय विधायक रहे।

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