ग्राम समाज की भूमि पर बने मकान कब्जा और कागजों से छेड़छाड़ का मामला पहुंचा UP मानवाधिकार आयोग, सुनवाई शुरू
लखीमपुर खीरी Aug 06, 2026 at 05:53 PM , 48एक गाटे का आदेश, दूसरे गाटे पर कब्जा: लखीमपुर के मामले में आयोग ने मांगी रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी। कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम बुढ़नापुर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर का मामला अब उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता शारिक हुसैन जैदी पुत्र स्व. अनवर हुसैन द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए 15 जुलाई 2026 को डायरी नंबर 13201/CR/2026 दर्ज किया। इसके बाद 6 अगस्त 2026 को सुनवाई के लिए केस नंबर 15008/24/46/2026 भी जारी कर दिया गया है।
पीड़ित शारिक हुसैन का आरोप है कि ग्राम पंचायत महेवा में गाटा संख्या 443 राजस्व अभिलेखों में बंजर भूमि दर्ज है। इसी गाटा पर उनका 5 कमरे, 2 बड़े बरामदे और एक हाल वाला 50 साल पुराना मकान है। आरोप है कि 15 साल पहले प्रॉपर्टी डीलर मनीष जैन और विनय जैन ने वासिर उर्फ नासिर से पास का गाटा 431 खरीदा था। खेत की कीमत बढ़ाने के लिए लेखपाल पंकज तोमर के साथ मिलकर गाटा 443 का अस्तित्व रिकॉर्ड से खत्म करवा दिया गया। इसके बाद गाटा 431 के नाम पर एकपक्षीय आदेश लेकर 6 जुलाई 2026 को अमीन के जरिए गाटा 443 पर कब्जा करा लिया गया। यानी आदेश एक गाटे का था और कब्जा दूसरे गाटे पर हुआ।
पीड़ित ने बताया कि कब्जे के समय घर में सिर्फ उसकी दो बेटियां और एक बेटा थे। बड़ी बेटी का मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं है। कब्जे के बाद परिवार दर-दर भटक रहा है। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक की जा चुकी है। महिला आयोग में भी मामला दर्ज है। RTI से मिली जानकारी में गाटा 443 का रिकॉर्ड राजस्व अभिलेखों में दर्ज मिला और पट्टे में शारिक हुसैन का नाम भी है।
फिलहाल मानवाधिकार आयोग ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। शिकायत में मनीष जैन, विनय जैन, लेखपाल पंकज तोमर और वासिर उर्फ नासिर के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।































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