डग्गेमार बसों पर कार्रवाई न होने से नाराज अनुबंधित बस संचालकों का अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

लखीमपुर खीरी , 19

लखीमपुर खीरी।जिले में अवैध रूप से चल रही डग्गेमार बसों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज अनुबंधित बस संचालकों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।मंगलवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता विफल रहने के बाद, अनुबंधित बस एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश (हड़ताल) पर जाने की घोषणा कर दी है। इस फैसले से जिले की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।मिली जानकारी के अनुसार, डग्गेमार बसों पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग को लेकर मंगलवार को अनुबंधित बस संचालकों की ए.आर.टी.ओ. पी.टी.ओ. और ए.आर.एम. के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। संचालकों ने अधिकारियों के सामने अवैध बसों के संचालन का मुद्दा कड़े शब्दों में उठाया। हालांकि, बैठक के बाद भी कोई ठोस समाधान या आश्वासन नहीं मिल सका, जिससे संचालकों में भारी रोष है।अनुबंधित बस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण गुप्ता ने परिवहन विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा, "हम लंबे समय से अवैध डग्गेमार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ये डग्गेमार बसें धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिसके कारण अनुबंधित बस स्वामियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि जब तक प्रशासन अवैध रूप से संचालित हो रही कथित डग्गेमार बसों पर कोई कड़ी और प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तब तक उनका सामूहिक अवकाश और आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।इस महत्वपूर्ण बैठक और विरोध प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष श्रवण गुप्ता के साथ प्रेम प्रकाश बाजपेयी, रितेश श्रीवास्तव, गुल्लू राना, के.सी. मिश्रा, अमन, शैलेंद्र शर्मा, मनीष अवस्थी और मुदित समेत जिले के समस्त अनुबंधित वाहन स्वामी मुख्य रूप से मौजूद रहे।यदि अनुबंधित बसों का यह सामूहिक अवकाश लंबा खींचता है, तो लखीमपुर खीरी और आसपास के क्षेत्रों में आम यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, बस संचालकों के इस कड़े रुख पर परिवहन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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