ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में देशभर में मेडिकल स्टोर बंद, 15 लाख से अधिक दवा कारोबारियों की हड़ताल

लखनऊ , 50

लखनऊ। दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री, ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स की मनमानी और बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के बढ़ते दबदबे के विरोध में बुधवार को देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रहे। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर आयोजित इस राष्ट्रव्यापी बंद में 15 लाख से अधिक केमिस्ट और दवा विक्रेताओं ने समर्थन जताया। 
राजधानी लखनऊ सहित कई शहरों में मेडिकल स्टोर बंद रहने से लोगों को दवाएं लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर और आपातकालीन सेवाओं को बंद से अलग रखा गया, ताकि मरीजों को आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनी रहे। 
दवा कारोबारियों का आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त सत्यापन और डॉक्टर की वैध पर्ची के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन बिक्री के जरिए प्रतिबंधित और प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाएं भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जो स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। 
दवा विक्रेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बड़ी ई-फार्मेसी कंपनियां भारी छूट देकर छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर रही हैं। उनका कहना है कि 20 से 50 प्रतिशत तक की छूट देकर ऑनलाइन कंपनियां बाजार पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रही हैं, जिससे पारंपरिक मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। 
लखनऊ के दवा व्यापारियों ने भी बंद को समर्थन देते हुए कहा कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। व्यापारियों के अनुसार बिना फार्मासिस्ट सत्यापन के ऑनलाइन दवा बिक्री गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। 
वहीं, केंद्र सरकार और औषधि नियंत्रण विभाग ने आश्वासन दिया कि बंद के बावजूद आवश्यक दवाओं की उपलब्धता प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। कुछ राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने सार्वजनिक हित का हवाला देते हुए बंद से दूरी भी बनाई। 

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