यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की प्रवक्ता भर्ती परीक्षा सकुशल सम्पन्न, दो दिन में 1.92 लाख से अधिक अभ्यर्थी हुए शामिल

लखनऊ , 32

लखनऊ/प्रयागराज, 10 मई 2026।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग की लिखित परीक्षा रविवार को प्रदेशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न कराई गई। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हुई और आयोग के अनुसार संपूर्ण प्रक्रिया पर अत्याधुनिक तकनीकी निगरानी रखी गई।
रविवार, 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और मनोविज्ञान विषयों की परीक्षा आयोजित हुई। यह परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक चली। दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी और कला विषयों की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक सम्पन्न हुई।
परीक्षा की निगरानी के लिए आयोग मुख्यालय में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी केंद्रों पर लगातार नजर रखी गई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार, सदस्यगण, सचिव, परीक्षा नियंत्रक तथा उपसचिव की मौजूदगी में परीक्षा केंद्रों पर लगे एआई कैमरों के माध्यम से अभ्यर्थियों की गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग की गई।
इस बार आयोग ने तकनीकी पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी की। पायलट प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ जनपद के चयनित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा समाप्त होते ही अभ्यर्थियों की ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग परीक्षा कक्ष में ही कराई गई। यह पूरी प्रक्रिया अभ्यर्थियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुई और स्कैन डाटा को तत्काल सुरक्षित भी किया गया। इसकी निगरानी भी कंट्रोल कमांड रूम से की गई।
उपस्थिति के आंकड़ों पर नजर डालें तो 9 मई 2026 को आयोजित परीक्षा में कुल 89,766 अभ्यर्थी शामिल हुए, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 38.04 प्रतिशत है। इनमें महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 34.89 प्रतिशत तथा पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति 42.26 प्रतिशत रही।
वहीं 10 मई 2026 को आयोजित परीक्षा में कुल 1,03,168 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 45.12 प्रतिशत है। इनमें महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 41.92 प्रतिशत और पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति 48.08 प्रतिशत दर्ज की गई।
दो दिनों—9 और 10 मई—में आयोजित इस लिखित परीक्षा में कुल 1,92,934 अभ्यर्थी शामिल हुए। यह कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 41.53 प्रतिशत है।
आयोग ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग की सराहना की है। साथ ही सभी अभ्यर्थियों, केंद्र व्यवस्थापकों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया है।
बड़ी बात यह है कि आयोग द्वारा अपनाई गई एआई निगरानी व्यवस्था और ओएमआर स्कैनिंग की नई तकनीक ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक नया मानक स्थापित किया है।

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