जनपद महाराजगंज के पर्यटन विकास की 09 परियोजनाओं हेतु 686 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत

लखनऊ , 23

जनपद की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत का कायाकल्प करके आमजनमानस को समर्पित करना है-जयवीर सिंह 


लखनऊ: 04 मई, 2026

पर्यटन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के अंतर्गत गोरखपुर मंडल के महाराजगंज जनपद के लिए पर्यटन विकास की 09 परियोजनाओं के लिए 686 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्वार एवं बुनियादी सुविधाएं सुलभ कराने का कार्य किया जाएगा। विगत 09 वर्षों में जनपद- महराजगंज का अवस्थापना सुविधाओं एवं धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के चलते भारी बदलाव आया है। कानून व्यवस्था बेहतर होने के साथ कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी हुई है। इससे पर्यटकों का आगमन बढ़ा है।

यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि महराजगंज के सिसवा मनिपरगढ़ मंदिर रूद्धरौली निचकौट के पर्यटन विकास के लिए 99 लाख रूपये, पनियरा,विकास खण्ड परतावल में राम जानकी मंदिर के लिए 54 लाख रूपये, नौतनवां सोनौली स्थित देवस्थान चांचाई माता मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 01 करोड़ रूपये, सदर जनपद महराजगंज में बेलहिया प्राचीन पीठ श्रीराम जानकी मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 87लाख रूपये, फरेन्दा वि0स0 के अंतर्गत स्थित दुर्गा मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 70 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

जयवीर सिंह ने बताया कि इसी प्रकार पनियरा के हनुमान मंदिर के लिए 26 लाख रूपये, जगन्नाथ भगवान मंदिर धाम व बड़हरा महंत के पर्यटन विकास के लिए 58 लाख रूपये, सिसवा ग्राम सभा रूद्रापुर में बनदेवी स्थान के पर्यटन विकास के लिए 60 लाख रूपये तथा फरेन्दा ग्राम सिमरहवा स्थित प्राचीन शिव मंदिर में बहुउद्देशी अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 172 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है कि परियोजना संबंधी समस्त कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा करना सुनिश्चित करें। 

पर्यटन मंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं के समस्त कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए है। मा0 मुख्यमंत्री योगी जी के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में पर्यटन विकास की योजनाएं संचालित की जा रही हैं इसका मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक धरोहर को अक्षुण्ण रखते हुए युवा पीढ़ी को समर्पित करना है। इसके साथ ही पर्यटन में प्रचूर रोजगार एवं राजस्व अर्जन की संभावना को देखते हुए पर्यटन कार्य कराए जा रहे है। इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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