*बाबा साहब का जीवन संघर्ष और दर्शन राष्ट्र की साझा विरासत: डॉ. सौरव मालवीय*

लखीमपुर खीरी , 114

लखीमपुर-खीरी: विद्या भारती विद्यालय पं. दीन दयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज (यू.पी. बोर्ड) में आज भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विद्या भारती के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरव मालवीय जी ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उपस्थित जनसमूह और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. मालवीय जी ने कहा कि बाबा साहब का जीवन और उनके विचार संपूर्ण राष्ट्र के लिए प्रेरणा का पुंज हैं।
​डॉ. मालवीय जी ने अपने संबोधन में शिक्षा की महत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर का स्पष्ट मानना था कि शिक्षा ही वह एकमात्र माध्यम है जो समाज में व्याप्त असमानता को दूर कर सकती है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती भी बाबा साहब के 'शिक्षित बनो' के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी गरिमापूर्ण जीवन प्राप्त हो सके। संवैधानिक मूल्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश की प्रगति के लिए संगठित हों और सामाजिक समरसता के संकल्प को अपनाएं।
​कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. किरणलता डंगवाल जी एवं श्रीमती निधि द्विवेदी जी (क्षेत्रीय संयोजक, बालिका शिक्षा) की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनके साथ ही विद्यालय के प्रधानाचार्य, अन्य प्रमुख शिक्षाविदों, संस्थान के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ हुआ।

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