त्योहार के चलते खोया मिठाई आदि की गुणवत्ता पर संदेह

लखीमपुर खीरी , 147

(मनोज मिश्रा/केके शुक्ला)


लखीमपुर/धौरहरा।
होली त्योहार व शादी ब्याह की चल रही सहालगो के सीजन में जहां बाजारों में मौजूद दुकानों की रौनक बढ़ गई है।तो वहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर आम लोगों में चिंता भी गहराने लगी है।धौराहरा कस्बे से लेकर तहसील क्षेत्र तक की बाजारों में खोया,पनीर और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की भरमार है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम कहीं नजर नहीं आ रही है।
जानकारी के मुताबिक स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले पर बैठी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है और जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी जांच अभियान नहीं चलाया जा रहा। त्योहार व सहालग के इस व्यस्त मौसम में मिठाई की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ रही है,लेकिन मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए न तो सैंपलिंग हो रही है और न ही छापेमारी की कोई खबर सामने आ रही है।
जबकि मिलावटी खोया और पनीर की आशंका बाजार में बिक रहे खोया और पनीर की गुणवत्ता को लेकर लोगों में संदेह बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि त्योहारों में मांग बढ़ने के कारण कुछ व्यापारी कृत्रिम और रासायनिक पदार्थों से तैयार नकली खोया और पनीर बाजार में उतार रहे हैं,जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसे खाद्य पदार्थ खास तौर पर हानिकारक साबित हो सकते हैं।
दुकानदारों पर निगरानी की कमी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम यदि नियमित रूप से दुकानों का निरीक्षण करे और सैंपल लेकर जांच कराए तो मिलावट पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।लेकिन वर्तमान समय में विभाग की निष्क्रियता से मुनाफाखोर/मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं।
कस्बा धौराहरा,सिसैया चौराहा, ईसानगर,ढखेरवा चौराहा,रमियाबेहड़, हसनपुर कटौली खमरिया अभय पुर व कफारा आदि क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि त्योहारों और सहालग के सीजन को देखते हुए विशेष अभियान चलाकर मिठाई की दुकानों,दूध डेयरियों और थोक विक्रेताओं के यहां सघन जांच कराई जाए।साथ ही दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।जैसा कि बाजारों में खुलेआम बिक रहे उत्पादों पर संबंधित विभाग क्या कार्यवाही करने को बाध्य होगा या नही। जनता यह देखने के इंतजार में है कि संबंधित विभाग रंग बिरंगी कचरी,कैमिकल युक्त रंग,मोविल टाइप वाला खाद्य तेल व बेसन इस गंभीर मुद्दे पर कब संज्ञान लेता है और बाजारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Related Articles

Comments

Back to Top