संयुक्त संगठनों ने दिया ज्ञापन चार श्रम संहिताएं वापस लेने की मांग

लखीमपुर खीरी , 102

लखीमपुर खीरी। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन्स की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में विभिन्न संगठनों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा लागू चारों नई श्रम संहिताओं को निरस्त कर पुराने श्रमिक कानून बहाल करने की मांग उठाई गई। पहले कार्यकर्ता विलोबी हॉल में एकत्र हुए। बैठक के बाद, उन्होंने नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट तक मार्च किया।यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित था, जिसे सहायक श्रम आयुक्त के माध्यम से प्रेषित किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन, भाकपा (माले) और समाजवादी मजदूर सभा उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

संगठनों ने ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग और संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी रोजगार की गारंटी देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, मनरेगा को प्रभावी ढंग से बहाल कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार सुनिश्चित करने तथा श्रमिक यूनियनों को कमजोर करने वाली नीतियों पर रोक लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी।ज्ञापन में कॉरपोरेट और औद्योगिक घरानों के हित में बनाए जा रहे कानूनों को बंद करने, 12 घंटे कार्यदिवस संबंधी आदेश वापस लेने तथा भारत-अमेरिका के मध्य हुई डील में किसानों और पशुपालकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान श्रमिक एकता और अधिकारों को लेकर नारे लगाए गए। प्रतिनिधियों ने कहा कि श्रमिक, किसान और कर्मचारी हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन जारी रहेगा।

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