‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया-टेम्पोरल एनालिसिस एण्ड पॉलिसी रौडमेप फॉर क्वालिटी इन्हेंसमेंट’ रिपोर्ट_
राजस्थान May 12, 2026 at 01:05 PM , 48*नीति आयोग ने राजस्थान के सकारात्मक शैक्षणिक परिदृश्य को किया रेखांकित*
*कक्षा 1 से 12 तक की एकीकृत शिक्षा उपलब्ध करवाने में राज्य देश में अव्वल*
*सर्वाधिक 35 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ प्रदेश में भारत का हर ऐसा तीसरा विद्यालय संचालित*
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश बन रहा शैक्षणिक उपलब्धियों का केन्द्र
जयपुर, 12 मई। राजस्थान देश का एकमात्र प्रदेश है जहां विद्यार्थियों को सर्वाधिक प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा एक ही जगह उपलब्ध हो रही है। नीति आयोग ने ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया-टेम्पोरल एनालिसिस एण्ड पॉलिसी रौडमेप फॉर क्वालिटी इन्हेंसमेंट’ की नवीनतम रिपोर्ट में इस उपलब्धि को रेखांकित किया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2024-25 में पूरे देश में केवल 5.4 प्रतिशत विद्यालयों में 1 से 12 कक्षा तक एकीकृत शिक्षा सीमित रही। जबकि अकेले राजस्थान में ही यह आंकडा पूरे देश का लगभग 35 प्रतिशत दर्ज किया गया है। यानि देश का 1 से 12वीं तक की एकीकृत शिक्षा उपलब्ध करवाने वाला हर तीसरा विद्यालय राजस्थान में संचालित है। इस प्रकार, प्रदेश के 27 हजार 889 विद्यालय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा उपलब्ध करवा रहे हैं।
नीति आयोग ने रिपोर्ट में जिक्र किया कि प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक के एकीकृत विद्यालयों की कमी होने से विद्यार्थियों को बार-बार शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेना पड़ता है। जिसके फलस्वरूप ड्रॉप आउट की संख्या में वृद्धि की आशंका रहती है। वहीं, अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान में 1 से 12वीं कक्षा तक के एकीकृत विद्यालयों का मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है जिससे शैक्षणिक संकेतकों में अपेक्षित सुधार हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान शैक्षणिक उपलब्धियों के केन्द्र के रूप में उभरा है। उनके कुशल मार्गदर्शन में शैक्षणिक संस्थानों का निरन्तर विकास, विस्तार और उन्नयन किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षा का वातावरण तैयार हुआ है।
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