मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज उन्नति’ की पहली बैठक, 2 हजार करोड़ की परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
राजस्थान Jan 17, 2026 at 06:15 PM , 55जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ‘राज उन्नति’ की प्रथम बैठक आयोजित हुई। बैठक में लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की 7 परियोजनाओं एवं 2 योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इनके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लागत वृद्धि से बचने और आमजन को शीघ्र लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने आमजन की परिवेदनाओं पर अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलक्टर्स को परिवादों की नियमित मॉनिटरिंग एवं समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी राजकीय विभागों एवं कार्यालयों में कार्य पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परियोजनाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही बरतने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवाद निस्तारण का हो नियमित सत्यापन
मुख्यमंत्री ने राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन के चयनित परिवादियों से संवाद कर उनके परिवाद निस्तारण पर फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि सुशासन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शासन सचिव, संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर्स हेल्पलाइन पर प्राप्त परिवादों का नियमित सत्यापन करें। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को अधिकारियों के लिए सत्यापन प्रकरणों की सीमा निर्धारित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान परिवादियों ने हेल्पलाइन के प्रभावी संचालन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
भू-आवंटन पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टर्स को विकास कार्यों के लिए आवश्यक भूमि आवंटन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन के पश्चात शीघ्र निविदा जारी कर कार्य प्रारंभ किया जाए। जहां न्यूनतम मापदंडों के अनुरूप भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां चरणबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
पीएम सूर्यघर योजना में राजस्थान बने अग्रणी
मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्यघर 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत कैशलेस वैकल्पिक मॉडल पर शीघ्र कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊर्जा विभाग एवं जिला प्रशासन को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रेरित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने योजना में राजस्थान को देश में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया।
खराब ट्रांसफार्मर और सामाजिक योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने जले एवं खराब ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समय सीमा में बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष योग्यजन पेंशनर्स एवं पालनहार योजना के लाभार्थियों का शत-प्रतिशत वार्षिक सत्यापन सुनिश्चित कर लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने को कहा। आवश्यकता होने पर प्रशासन को दिव्यांगजनों के घर जाकर सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए।
जयपुर और अन्य जिलों की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने जयपुर के हीरापुरा बस टर्मिनल में यात्री सुविधाओं, यातायात प्रबंधन एवं बस रूट निर्धारण से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, अजमेर-चंदेरिया ब्रॉडगेज दोहरीकरण परियोजना के लिए अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा एवं चित्तौड़गढ़ जिलों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने को कहा।
बैठक में श्रीगंगानगर, केसरीसिंहपुरा, श्रीकरणपुर, कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण एवं सांगोद में सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट, 65 निकायों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, लोहावट (फलोदी) में खेल स्टेडियम, लाडनूं में उप जिला चिकित्सालय तथा कोटा, अजमेर एवं भरतपुर में बालिका सैनिक स्कूलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टर्स को पीएमश्री योजना की रैंकिंग के मापदंडों को पूरा करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘राज उन्नति’ पहल की शुरुआत की गई है, जिसके तहत चयनित परियोजनाओं, योजनाओं एवं आमजन से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा कर प्रदेश के विकास को नई गति दी जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री अखिल अरोड़ा उपस्थित रहे। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा सहित संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर्स वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े।






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