जयपुर में पहली बार असैन्य क्षेत्र में आयोजित 78वां सेना दिवस, स्वदेशी सैन्य शक्ति और शौर्य का भव्य प्रदर्शन
राजस्थान Jan 15, 2026 at 03:03 PM , 54जयपुर, 15 जनवरी। भारतीय सेना ने 78वां सेना दिवस गुरुवार को जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर पूरे सैन्य गौरव, अनुशासन और परंपरागत शान के साथ मनाया। यह चौथी बार है जब सेना दिवस परेड दिल्ली से बाहर आयोजित की गई तथा पहली बार किसी असैन्य क्षेत्र में इसका आयोजन हुआ। राजस्थान को पहली बार इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ।
सैन्य उत्कृष्टता, गौरवशाली परंपराओं और राष्ट्रीय स्वाभिमान के इस भव्य प्रदर्शन को देखने के लिए राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, मिजोरम के राज्यपाल जनरल (से.नि.) वी.के. सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह सहित अनेक सैन्य एवं नागरिक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। दक्षिण पश्चिम कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हरविंदर सिंह के नेतृत्व में आयोजित परेड में भारतीय सेना ने अपने शौर्य, साहस और अजेय शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस वर्ष की थीम ‘भारतीय सेना—शौर्य और बलिदान’ रही।
परेड में परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र और वीर चक्र विजेता विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। स्वदेशी सैन्य क्षमता, आधुनिक आयुध और उभरती तकनीकों ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। ब्रह्मोस मिसाइल, भीष्म और अर्जुन टैंक, के-9 वज्र तोप, बीएमपी वाहन, 155 मिमी अमोघ, नामिस (नाग मिसाइल प्रणाली), पिनाका रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, शिल्का हथियार प्रणाली, ड्रोन शक्ति, ड्रोन जैमर तकनीक और इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन व्हीकल आकर्षण का केंद्र रहे। नवगठित भैरव बटालियन सहित भारतीय सेना की सात रेजीमेंट्स ने शानदार मार्च पास्ट किया।
अभिनव सैन्य प्रणालियों में रोबोटिक म्यूल, स्वाथी वेपन लोकेटिंग रडार, मॉड्यूलर ब्रिजिंग सिस्टम, मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम, वाहन आधारित इन्फेंट्री मोर्टार सिस्टम, ड्रोन जैमर सिस्टम, मोबाइल कम्युनिकेशन नोड और अजय केतु ऑल-टेरेन व्हीकल जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया। भारतीय सेना के विभिन्न बैंड्स के साथ नेपाल आर्मी बैंड की सहभागिता ने भारत–नेपाल के विशेष सैन्य संबंधों को रेखांकित किया। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के प्रतीक स्वरूप गर्ल्स एनसीसी टुकड़ी ने भी मार्च पास्ट किया।
परेड से पूर्व ऑपरेशन ‘सिंदूर’ एवं अन्य अभियानों में अदम्य साहस और वीरता के लिए सूबेदार मेजर पवन कुमार, हवलदार सुनील कुमार सिंह, लांस नायक दिनेश कुमार, लांस नायक सुभाष कुमार और लांस नायक प्रदीप कुमार को मरणोपरांत ‘सेना मेडल (गैलेंट्री)’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आत्मनिर्भर और नए भारत की झलक के साथ राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी प्रस्तुत की गई। भरतपुर की फूलों की होली की रंग-बिरंगी झांकियों के साथ कच्छी घोड़ी, दंगल, गैर और कालबेलिया जैसे लोकनृत्यों ने सभी का मन मोह लिया।
तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने तिरंगा और संयुक्त सेनाध्वज के साथ पुष्पवर्षा की, जबकि अपाचे सहित अन्य हेलीकॉप्टरों ने विभिन्न फॉर्मेशन में फ्लाई-पास्ट कर परेड को भव्यता प्रदान की। सेना सेवा कोर के ‘टॉरनेडो’ बाइक करतब, पैराट्रूपर्स के रोमांचक प्रदर्शन और समापन पर नाल एयरबेस से आए तीन जगुआर लड़ाकू विमानों की गर्जना ने माहौल को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।
इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, पूर्व सैनिक, युवा और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

















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