गलत यूपीआई ट्रांजेक्शन होने पर न घबराएं, ऐसे मिल सकता है आपका पैसा वापस — राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा की एडवाइजरी

राजस्थान , 60

जयपुर, 11 मार्च।
डिजिटल इंडिया के दौर में यूपीआई के माध्यम से भुगतान करना जितना आसान हो गया है, उतनी ही सावधानी बरतना भी जरूरी हो गया है। कई बार जल्दबाजी या गलत नंबर दर्ज होने के कारण हमारी मेहनत की कमाई किसी अनजान व्यक्ति के खाते में चली जाती है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाने से पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
तुरंत सुरक्षित करें डिजिटल सबूत
जैसे ही पता चले कि पैसा गलत खाते में ट्रांसफर हो गया है, सबसे पहले उस ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट सुरक्षित कर लें। विशेष रूप से UTR (Unique Transaction Reference) नंबर को कहीं नोट कर लें। यह 12 अंकों का नंबर ट्रांजेक्शन को ट्रैक करने और राशि की रिकवरी में सबसे महत्वपूर्ण होता है।
यूपीआई ऐप पर तुरंत दर्ज करें Dispute
जिस भी ऐप जैसे Google Pay, PhonePe या Paytm से भुगतान किया गया हो, उसकी ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में जाकर “Report a Problem” या “Raise a Dispute” विकल्प का चयन करें। बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को तुरंत सूचना देने से लेन-देन को ट्रैक करना आसान हो जाता है।
बैंक को दें तुरंत जानकारी
गलत ट्रांजेक्शन होने पर बिना देर किए अपने बैंक की नजदीकी शाखा में जाएं या कस्टमर केयर से संपर्क करें। बैंक को लिखित रूप में लाभार्थी की यूपीआई आईडी, ट्रांजेक्शन का समय और ट्रांसफर की गई राशि की जानकारी दें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार समय पर सूचना देने से रिफंड प्रक्रिया तेज हो सकती है।
NPCI पोर्टल पर भी कर सकते हैं शिकायत
यदि ऐप या बैंक से संतोषजनक समाधान नहीं मिलता है तो आप सीधे NPCI (National Payments Corporation of India) के पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1800-120-1740 पर संपर्क कर सकते हैं।
साइबर पुलिस की विशेष सलाह
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल भुगतान करते समय सतर्कता बरतें, क्योंकि बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है।
भुगतान से पहले रखें ये सावधानियां
मोबाइल नंबर या क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाले नाम को अवश्य जांचें।
किसी अनजान व्यक्ति के दबाव या कॉल के कहने पर तुरंत भुगतान न करें।
याद रखें, पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन डालने या क्यूआर कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती।
साइबर धोखाधड़ी होने पर यहां करें शिकायत
यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की आशंका हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल https://cybercrime.gov.in⁠�, साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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