6 माह में जारी पट्टों की होगी एडीएम स्तर पर जांच, नियम विरुद्ध मामलों में 4 कार्मिक एपीओ

राजस्थान , 98

जयपुर, 5 मार्च। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा है कि नगर निगम अजमेर द्वारा गत छह माह में जारी किए गए सभी पट्टों की जांच अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) स्तर पर कराई जाएगी। नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने के मामले में अजमेर नगर निगम के चार कार्मिकों को एपीओ (Awaiting Posting Orders) किए जाने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। इनका मुख्यालय जयपुर रखा जाएगा ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें।
मंत्री विधानसभा में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि ग्राम थोक तेलियान की राजस्व जमाबंदी के अनुसार खाता संख्या 480, खसरा नंबर 2227 मिन (रकबा 2 बीघा 8 बिसवा 10 बिस्वांशी) तथा 2227 मिन (रकबा 4 बिसवा) की भूमि वर्ष 1971 में नगर सुधार न्यास अजमेर द्वारा अवाप्त की गई थी। हालांकि, मुआवजा वितरण को लेकर सभी खातेदारों की सहमति न बनने से भूमि का नामांतरण राजस्व रिकॉर्ड में नगर सुधार न्यास के नाम दर्ज नहीं हो सका। यह भूमि खातेदार रामपाल के नाम दर्ज रही और बाद में नामांतरण संख्या 1093 दिनांक 7 फरवरी 2019 के माध्यम से कानूनी वारिसों के नाम दर्ज कर दी गई।
मंत्री ने बताया कि उपलब्ध खसरा गिरदावरी के अनुसार उपखसरा 2227, एसीआर आना सागर सर्कुलर योजना का हिस्सा है, जिसे नगर सुधार न्यास से नगर निगम अजमेर को हस्तांतरित किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में खसरा नंबर 2227 पर 1450 वर्ग गज का आवासीय नक्शा स्वीकृत किया गया था, लेकिन शिकायत मिलने पर जांच में भूमि कृषि श्रेणी की पाए जाने पर नक्शा निरस्त कर दिया गया। इस मामले में स्वीकृति व निरस्तीकरण के संबंध में किसी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई। प्रकरण वर्तमान में सिविल न्यायाधीश संख्या-3, अजमेर की अदालत में लंबित है।
एक अन्य प्रकरण में पट्टा क्रमांक नगर निगम अजमेर/69/2025-26 एसएसएस-129 के तहत आवेदक ने न्यायालय में लंबित वाद की जानकारी छिपाकर तथा कथित रूप से झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर पट्टा प्राप्त किया। इस मामले में नगर निगम अजमेर ने आवेदक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने हेतु पत्र भेजा है और संबंधित पट्टा निरस्त कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, धोखाधड़ी से खसरा नंबर 2227 को खसरा नंबर 316 दर्शाकर पट्टा प्राप्त करने का मामला भी सामने आया है। यह पट्टा भी निरस्त किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने के मामले में उपायुक्त (विकास) कीर्ति कुमावत, वरिष्ठ प्रारूपकार सुरेश चौधरी, कनिष्ठ अभियंता (सिविल) राजेश मीणा तथा कनिष्ठ अभियंता सादिक हुसैन के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर अजमेर, श्री लोक बंधु को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी जा रही है। उनके निर्देशन में एडीएम रैंक का अधिकारी दो सप्ताह में विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। साथ ही, पिछले छह माह में जारी सभी पट्टों की भी जांच की जाएगी। इस संबंध में निदेशक, स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जिला कलेक्टर अजमेर को पत्र जारी किया जा रहा है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी कार्मिक दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की 

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