राजस्थान में ‘अन्नपूर्ति’ अनाज एटीएम की तैयारी: अब 24 घंटे मशीन से मिलेगा गेहूं-चावल, लाइन से मिलेगी मुक्ति
राजस्थान Feb 23, 2026 at 11:10 AM , 69जयपुर।
राजस्थान में मुफ्त राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार जल्द ही ‘अन्नपूर्ति’ नाम से अनाज एटीएम (ग्रेन एटीएम) शुरू करने जा रही है, जिससे लाभार्थी बैंक एटीएम की तरह 24 घंटे अपनी सुविधा के अनुसार गेहूं, चावल और दाल प्राप्त कर सकेंगे।
राज्य में वर्तमान में 4 करोड़ 35 लाख 49 हजार 571 लोग खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन्हें राशन की दुकानों पर लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
क्या है ‘अन्नपूर्ति’ अनाज एटीएम?
‘अन्नपूर्ति’ एक स्वचालित मशीन है, जो बैंक एटीएम की तर्ज पर काम करेगी।
जिस प्रकार एटीएम में डेबिट कार्ड और पिन के माध्यम से नकदी निकाली जाती है, उसी तरह राशन कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए लाभार्थी अपने हिस्से का अनाज प्राप्त कर सकेंगे।
इस मशीन के माध्यम से:
24 घंटे राशन प्राप्त किया जा सकेगा
लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं होगी
तौल में गड़बड़ी की शिकायत खत्म होगी
वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी
कैसे काम करेगा अनाज एटीएम?
खाद्य विभाग के अनुसार यह मशीन संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की तकनीक पर आधारित है और स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई है।
प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
लाभार्थी मशीन पर राशन कार्ड विवरण दर्ज करेगा।
आधार लिंक्ड बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/अन्य पहचान) सत्यापन होगा।
मशीन में थैला लगाते ही निर्धारित मात्रा में गेहूं, चावल या दाल स्वतः निकल जाएगी।
खाद्य सचिव अंबरीश कुमार के अनुसार, “जितना अनाज पात्र है, मशीन उतनी ही सटीक मात्रा थैले में डालेगी।”
पायलट प्रोजेक्ट: तीन शहरों से शुरुआत
राज्य सरकार को केंद्र से तीन स्थानों पर ग्रेन एटीएम लगाने की अनुमति मिली है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत:
पूर्वी राजस्थान: भरतपुर
पश्चिमी राजस्थान: बीकानेर
मध्य राजस्थान: जयपुर
भरतपुर में स्थान चिन्हित किया जा चुका है, जबकि जयपुर और बीकानेर में स्थान चयन प्रक्रिया जारी है। सरकार का उद्देश्य अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता का परीक्षण करना है।
क्या होगा फायदा?
अब तक की व्यवस्था में लाभार्थियों को:
राशन दुकान पर जाना पड़ता है
बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद इंतजार करना पड़ता है
कई बार घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है
नई मशीनों से:
✔ समय की बचत
✔ 24×7 सुविधा
✔ सटीक तौल
✔ पारदर्शी वितरण
✔ किसी भी शहर में कार्ड से राशन प्राप्ति (वन नेशन, वन राशन कार्ड के तहत)
75 लाख नए लाभार्थी जुड़े
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि ‘गिवअप अभियान’ के तहत 54.36 लाख लोगों ने स्वेच्छा से राशन छोड़ दिया था। उनकी जगह 73 लाख नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ा गया है।
जयपुर जिले में सबसे अधिक 3.17 लाख नए पात्रों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है।
कब शुरू होगी योजना?
राज्य सरकार केंद्र सरकार से अंतिम तिथि की प्रतीक्षा कर रही है। भारत सरकार की स्वीकृति के बाद जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि यदि पायलट सफल रहा तो यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी।
‘अन्नपूर्ति’ अनाज एटीएम योजना राजस्थान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो राशन वितरण व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकता है।






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