पीएम कुसुम योजना में राजस्थान ने हासिल की 3000 मेगावाट क्षमता, किसान बने ‘अन्नदाता’ से ‘ऊर्जादाता’ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान , 70

जयपुर, 6 फरवरी।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पीएम कुसुम योजना (कम्पोनेन्ट ए एवं सी) के तहत राजस्थान ने 3000 मेगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता अर्जित कर देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के विजन से प्रदेश का किसान अब केवल ‘अन्नदाता’ ही नहीं, बल्कि ‘ऊर्जादाता’ भी बन रहा है और राजस्थान ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने पीएम कुसुम योजना की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रदेश के मेहनती किसानों, ऊर्जा विभाग तथा राजस्थान डिस्कॉम्स के कार्मिकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान अक्षय एवं सौर ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट ए एवं सी के साथ-साथ अन्य सौर परियोजनाओं में भी राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि किसानों को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट बी के तहत सोलर पम्पसेट स्थापित करने पर अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे सिंचाई लागत में कमी आने के साथ किसानों की आय में वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश अक्षय और सौर ऊर्जा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। इन प्रयासों से ‘समृद्ध किसान और खुशहाल राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है।
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