मोदी सरकार ने गेहूं का एमएसपी बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया, किसानों को मिलेगा लाभ

राजस्थान , 20

**— भजनलाल सरकार ने गेहूं खरीद व्यवस्था को किसान हितैषी बनाने के दिए निर्देश**
 
**— खाद्य सचिव अम्बरीष कुमार ने संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ की बैठक**
 
*जयपुर, 13 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने अन्नदाताओं के हित में रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। आगामी सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए किसान पंजीकरण हेतु फार्मर आईडी अनिवार्य की गई है। राजस्थान सरकार ने इस नई व्यवस्था में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं।
 
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि गेहूं खरीद की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
 
मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना में मंगलवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में भू-प्रबंधन विभाग, एग्रीस्टैक पीएमयू और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों एवं तकनीकी टीम ने भाग लिया। बैठक में आगामी रबी विपणन सीजन 2027-28 के दौरान गेहूं खरीद की तैयारियों और किसान पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
 
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी सीजन में गेहूं खरीद के लिए किसान पंजीकरण के दौरान फार्मर आईडी अनिवार्य होने के अनुरूप खरीद पोर्टल में आवश्यक तकनीकी प्रावधान किए जाएं। इसके लिए एनआईसी को जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिए गए, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके।
 
**समय रहते फार्मर आईडी बनवाएं किसान**
 
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने किसानों से अपील की कि वे आगामी गेहूं खरीद सीजन को ध्यान में रखते हुए समय रहते ई-मित्र केंद्र अथवा अन्य उपलब्ध माध्यमों से अपनी फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर लें। इससे गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराते समय संभावित परेशानियों से बचा जा सकेगा।
 
**डिजिटल रिकॉर्ड से पारदर्शी होगी खरीद व्यवस्था**
 
एग्रीस्टैक डिजिटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों की पहचान, भूमि अभिलेख और फसल बुवाई सहित कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे किसान पंजीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और सरकारी खरीद प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
 
राज्य में एग्रीस्टैक के प्रभावी क्रियान्वयन से कृषि संबंधी आंकड़ों के बेहतर प्रबंधन के साथ सरकारी खरीद व्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायता मिलेगी। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज की सरकारी खरीद के दौरान सरल प्रक्रिया, पारदर्शिता और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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