*CM योगी/छत्रपति शिवाजी व्यक्तित्व व्याख्यान कार्यक्रम..*

जनपत की खबर , 187

लखनऊ।

भईया जी जोशी का लखनऊ आगमन पर अभिनंदन,आज का आयोजन नई प्रेरणा देने वाला है
स्वामी विवेकानंद ने कहा जब कोई व्यक्ति समाज अपने महापुरुषों और गौरव पर गर्व की अनुभूति करने मे लज्जा करने लगे तो उनके दिन समाप्त मानिये

बच्चे का आदर्श कौन हो यह माता अभिभावक बचपन मे ही कहानियो प्रेरको के माध्यम से तय कर ते है

आज हम जिस भारत को देख रहे है ये अंग्रेज़ों की देन नही है,ये हजारों वर्ष पहले एक वृहत्तर भारत सांस्कृतिक भारत पहले से मौजूद था,ये देवताओ द्वारा रक्षित भारत भूमि है...

राजनितिक कीड़ा बहुत खतरनाक होता है संस्कृति को समझने मे भूल कर जाता है,जब संस्कृति को भूल जाते है तो राजनितिक नजरिये से देखने लगते है

भारत विभिन्न परिस्थितियों का सामना करते हुए भी आज भारत बना हुआ है,इसके पीछे हमारे महापुरुषों का आदर्श है,आज भी उन आदर्शो की घर घर मे चर्चा होती है,उनके आदर्श हर मां बच्चे को आज भी बताती है

अलग अलग कलखंड मे सत्ताएं आयी और गयी लेकिन भारत की मूल आत्मा बनी रही, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ दुनिय का सबसे बड़ा सांस्कृतिक संघठन है

आदिशंकराचार्य देश के चार कोनो मे मठ स्थापित करते है,उस दौर मे भी राजनितिक सत्ताएं कार्य करती रही होंगी,लेकिन संस्कृति का कार्य होता रहा..

भारत ने दुनिया को पहला सर्ज़न सुश्रुत के रूप मे दिया,परमाणुवाद की थ्योरी देने वाले महर्षि कणाद की आज कोई चर्चा नही होती,भारत ने हर क्षेत्र मे दुनिया को एक दृष्टि दी है,उत्थान और पतन हर समाज के साथ होती है

छत्रपति महाराज ने आज से 350 वर्ष पहले हिंदवी सम्राज्य स्थापना की परिकल्पना की और कार्य किया...
अभी कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री जी के प्रेरणा से भारतीय नौसेना का चिन्ह छत्र पति शिवाजी के चिन्ह पर ही रखा गया

हमारा संबंध छत्र पति शिवाजी महराज से हो सकता है मुगलो से नही

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