डीएम ने जीआईपी मॉल समेत बिल्डरों की मुश्क़ कसीं, 10 कंपनियों से 2.55 करोड़ रुपए वसूल किए
अन्य खबरे Dec 06, 2020 at 08:25 AM , 393नोएडा । गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने आम घर खरीददार का पैसा दबाकर बैठे बिल्डरों पर एक्शन लिया है। इनसे दादरी तहसील के पदाधिकारियों ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की है। तहसील की टीम ने 2.55 करोड़ रुपए की वसूली की है। कार्रवाई की जद में आने वालों में जेपी ग्रुप और नोएडा ला सबसे बड़ा ग्रेट इण्डिया पैलेस मॉल भी शामिल हैं। दादरी की नायब तहसीलदार सीमा सिंह ने बताया कि डीएम सुहास एलवाई के आदेश पर शनिवार को राजस्व वसूली के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया है। राजस्व विभाग के अधिकारियों और दादरी के एसडीएम अंकित खंडेलवाल, तहसीलदार राकेश जयंत के नेतृत्व में राजस्व वसूली का अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि एसजेपी बिल्डर से 80 लाख रुपये, फैब टैक से 46 लाख रुपये, जेपी ग्रुप से 50 लाख रुपये, फ्यूचर वर्ल्ड से 36 लाख रुपये, रेडीकॉन बिल्डर से 10 लाख रुपये, शौर्यपुरम से 3 लाख रुपये, मार्फियस ग्रुप से 2 लाख 65 हजार रुपये, जीआईपी मॉल से 12 लाख 50 हजार रुपये, ग्रेनाइट बिल्डर से 5 लाख रुपये और वेल्थ क्लिनिक से 10 लाख की वसूली की गई है। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा, "इन सभी बिल्डरों के खिलाफ विभिन्न न्यायाधिकरण ने रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए थे। जिनके आधार पर यह वसूली की गई है। शहर में आम आदमी ने बिल्डरों से घर खरीदने के लिए अपने खून-पसीने की कमाई निवेश की है। ऐसे में बिल्डरों की जिम्मेदारी बनती है कि वह ईमानदारी के साथ काम करें और घर बना कर उन्हें सौंपें, लेकिन जो बिल्डर ऐसा नहीं कर रहे हैं, उनके साथ किसी भी तरह की मुरव्वत नहीं बरती जाएगी। अभी बड़ी संख्या में रिकवरी सर्टिफिकेट बाकी हैं। जल्दी ही कुछ और बड़ी कार्रवाई होंगी।



























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