अदभुत पेड़: पास भी गये तो जेल और जुरमाना

परिवेश , 644

जी हाँ, यह  सच हैअगर आप इस पेड़ के भी गये तो जेल और जुरमाना दोनों. है न अद्भुत पेड़ . हम बात कर रहे है दुनिया के सबसे ऊंचे पेड़ हाइपरियनको देखने के लिए पहुंचने वाले आगंतुकों और पर्यटकों पर पर अब आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. कोस्ट रेडवुड यानि सीकोइया सेम्पर्विरेंस का पेड़ 115.92 मीटर यानि380 फीट लंबा होता है. इसका नाम ग्रीक पौराणिक कथा हाइपरियन टाइटन्स से लिया गया है. दुनिया के इस सबसे लंबे पेड़ को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा भी प्रमाणित किया गया है. इस पेड़ को अमेरिका के कैलिफोर्निया में खोजा गया था.कैलिफोर्निया के रेडवुड नेशनल पार्क ने पिछले हफ्ते एक बयान जारी किया था. बयान में बताया गया है कि जो कोई भी पेड़ के पास पकड़ा जाता है, उसे छह महीने तक की जेल और 5,000 डॉलर का जुर्माना हो सकता है. क्योंकि यह पेड़ को 2006 से गंभीर पर्यावरणीय गिरावट का सामना करना करता आ रहा है 2021 में, केएनपी कॉम्प्लेक्स में लगी थी आग इन विशाल पेड़ों के लिए केवल मानव आगंतुक ही जोखिम नहीं हैं, कैलिफ़ोर्निया के राष्ट्रीय उद्यानों में जंगल की बढ़ती आग भी चिंता का विषय है. 2021 में केएनपी कॉम्प्लेक्समें जब आग लगी थी तो सिकोइया और किंग्स कैन्यन नेशनल पार्क यानि के एन पी के अधिकारियों ने दुनिया के कुछ सबसे बड़े पेड़ों को आग से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए थे.  दुनिया के सबसे बड़े पेड़ को सुरक्षित रखने के लिए टिनफ़ोइल के समान ‘एल्यूमीनियम-आधारित आग-प्रतिरोधी सामग्री’ में लपेटा गया था.

प्राकृतिक संसाधनों के प्रमुख लियोनेल अर्गुएलो ने समाचार साइट सैन फ्रांसिस्को गेटको बताया कि पेड़ के क्षति के अलावा एक ऐसा मुद्दा भी है जिस वजह से ये प्रतिबंध लगाया गया. दरअसल, लोगों के वहां जाने से गंदगी ज्यादा फैल रही थी. लोग बाथरूम का उपयोग ठीक ढंग से नहीं करते थे और टॉयलेट पेपर और मानव अपशिष्ट को ऐसे ही छोड़ देते थे. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सीमित सेलफोन और जीपीएस सेवा है. जिसका अर्थ है कि क्षेत्र में किसी भी खोए या घायल पैदल यात्रियों को बचाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकता है. राष्ट्रीय उद्यान की वेबसाइट के एक बयान में कहा गया है कि ब्लॉगर्स और यात्रा लेखकों की वेबसाइटों के कारण इस जगह कि लोकप्रियता बढ़ रही है. जिस वजह से हाइपरियन के आसपास के पर्यावरण की तबाही हुई है. एक आगंतुक के रूप में आपको यह तय करना जरुरी है कि क्या आप इस अद्वितीय परिदृश्य के संरक्षण का हिस्सा होना चाहेंगे या आप इसके विनाश का कारण बनना चाहेंगे. इसी पर्यावरणीय क्षति से बचाने के लिए ही इस पेड़ के पास आने पर प्रतिबन्ध लगाया गया.

Related Articles

Comments

Back to Top