मुख्य शारदा नहर से निकलने वाली अलीनगर सुनहरा की नहर हुई प्रदूषण युक्त

जनपत की खबर , 586

लखनऊ। लखनऊ सरोजनीनगर। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर स्थित मुख्य शारदा नहर लखनऊ से निकलने वाला अमौसी रजबहा जोकि सई नदी में गिरता है। उसकी सफाई कुछ ही महीनों पहले की गई थी। लेकिन शहर के बाशिंदों ने नहर में कूड़ा फेंक कर के उसे ऐसा बना दिया है कि नहर का पानी दिखाई नहीं दे रहा है, पानी की जगह पर घास कूड़ा और प्लास्टिक की पन्नी ही नजर आती हैं। जो जगह-जगह रुक गई हैं। नीचे नीचे पानी बहता है और ऊपर ऊपर कूड़ा दिखाई देता है। दशा इतनी खराब है कि जगह जगह उस कूड़े में फंसे हुए कुत्ता, बिल्ली गाय और भैंस के बच्चे मरे हुए, तैरते हुए, सड़े हुए कहीं भी देखे जा

सकते हैं। भोला खेड़ा पुलिस चौकी के आगे चलने पर एसडी पब्लिक स्कूल ब्लूमिंग डेल स्कूल, सर्वागीण विद्यालय केंब्रिज स्कूल, शक्ति माटेसरी स्कूल सेंट रतंस डे वर्कशॉप स्कूल, एस एस डी पब्लिक स्कूल, रामप्रसाद बाल विद्यालय प्राथमिक विद्यालय रामदासखेडा, प्राथमिक विद्यालय लाला खेड़ा, लिटिल प्रोगेसिव स्कूल, आश्रम अकैडमी

एमएल मांटेसरी स्कूल सिर्फ अमौसी मोड़ तक ही पड़ते हैं। जिसमें हजारों की संख्या में छात्र पढने जाते हैं। अगर कोई छात्र नहर में गिर जाए तो उसको ढूंढना बहुत मुश्किल हो जाएगा। वह इस तरीके से डूब जाएगा, घास कूड़े में फंस जाएगा कि गोताखोर भी उस को नहीं ढूंढ पाएंगे। क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि यह कमी सरकार

की तो है ही लेकिन उससे ज्यादा भोला खेड़ा, न्यू इंद्रपुरी नारायणपुरी और नहर के किनारे बसने वाले बाशिंदों की भी है। जो नहर में कूड़ा फेंकते रहते हैं। क पब्लिक स्कूल अलीनगर सुनहरा के सामने इतना अधिक कूड़ा पड़ा हुआ है उसमें दो-तीन जानवर भी मरने के बाद सड़ गए हैं। बहुत अधिक बदबू आती है। वहां पर खड़ा नहीं हुआ जाता है। लेकिन किया जाए तो क्या किया जाए। प्रबंधक रामानंद सैनी सहित वहाँ के निवासियों ने सरकार से मांग की है कि नहर को अतिशीघ्र साफ किया जाए ताकि जनता राहत की सांस ले सके । इसके अलावा नहर में लैट्रिन की पाइप गिराने वाले और कूड़ा फेंकने वालों पर भी निगरानी की जाए और उन्हें सजा दी जाए तभी इस पर नियंत्रण किया जा सकता है।

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