अद्भुत अंडा: हरे रंग की जर्दी वाला अंडा

परिवेश , 579

सन्डे  हो या मंडे, रोज खाओ अंडे. यह प्रचार टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया पर एक समय में खूब चला था. अंडे में भरपूर पौष्टिक तत्व होता हैं, जो सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. अंडे को उबालकर खाएं या पकाकर खाएं इसका सेवन हर तरफ से फायदेमंद होता है. हालाँकि शाकाहारी लोग अंडे नही खाते, मैं उन्हें इसके सेवन की सलाह भी नहीं दे रहा हूँ. कुछ लोग अंडे को सुपरफूड भी मानते हैं. खासतौर पर अंडे की जर्दी काफी पौष्टिक और जायकेदार होती है. यह भी आप जानते होंगे कि अंडे देशी और फार्म वाले होते हैं. देशी अंडे की जर्दी कुछ पीले रंग की परन्तु फार्म के अंडे की जर्दी बिलकुल सफेद होती है. अगर हम कहें कि अंडे की जर्दी हरे रंग की होती है तो आप सहसा विश्वास नहीं करेंगे और आप कहेंगे मैं फेंक रहा हूँ. हालाँकि मैं सत्य कह रहा हूँ. मेरे कथन के प्रमाण में आप आप फोटोग्राफ्स देख सकते है , जिसमे कोई छेड़खानी नहीं की गई  है. दरअसल केरल के मल्लपुरम के कोट्टाकल स्थित शहाबुद्दीन पोल्ट्री फार्म की मुर्गियां जो अंडे दे रही है, वे बाहर से देखने में तो सामान्य होते है लेकिन जब उन्हें फोड़ा जाता है उन अन्डो की जर्दी सफेद या पीलापन लिए न होकर हरे रंग की होती है. इस पोल्ट्री फार्म के मालिक शहाबुद्दीन का कहना हैं कि उनका पूरा परिवार हरे रंग की जर्दी वाला अंडा सेवन कर रहा है. शहाबुद्दीन ने जब इन अण्डों को सोशल मीडिया पर डाला तो यह तेजी से वायरल हो गया क्योंकि यह अदभुत अंडा था. इसके बाद फार्म के मालिक शहाबुद्दीन ने कुछ अंडों से चूजे निकलने का इंतजार किया, ताकि अगर कुछ अलग हो तो देखा जा सके. लेकिन इसमें कुछ अलग नहीं दिखा था. चूजे बिल्कुल सामान्य थे. शहाबुद्दीन का मानना है कि ऐसा पाॅल्ट्री  में मुर्गियों को दिए जाने वाले खानपान के कारण हो सकता है. उनके फार्म में कई प्रजातियों की मुर्गी हैं. उनका यह भी मानना है कि क्रॉस ब्रीडिंग के कारण भी ऐसा हो सकता है. हालांकि विशेषज्ञ इसकी वैज्ञानिक जांच की मांग करने लगे. इसके बाद इन अण्डों को लेकर केरल के एक  एनीमल साइंस यूनिवर्सिटी के एक वैज्ञानिक ने जांच के बाद कहा मुर्गियों की खानपान की वजह से जर्दी का रंग हरे रंग का हो रहा है. उन्होंने अपनी जांच में पाया कि जब मुर्गियों को मिलने वाले खाने की जाँच की तो जर्दी के हरे रंग के होने का खुलासा हो गया. दरअसल इन मुर्गियों को खिलाया  जाने वाला चारा ही हरे रंग का था. वैज्ञानिक ने खुलासा किया कि जब मुर्गियों को मिलने मिलने वाले चारे में अधिक भाग हरे रंग का हो, तब ऐसा होता है कि अंडे की जर्दी हरे रंग की हो जाती है. दरअसल केरल में मुर्गियों को आम तौर पर कुरुनथोट्टी नाम के पौधे से बना चारा दिया जाता है. इस पौधे के कारण ही जर्दी हरे रंग की हो जाती थी . वैज्ञानिक ने इन मुर्गियों के चारे में बदलाव किया तो अंडे की जर्दी सामने अंग की हो गयी. इस घटना को कोरोना से जोड़ते हुए अपनी  ट्वीट में  कवि कुमार विश्वास ने लिखा कि मुर्गियों तक समझ रही हैं कि ग्रीन जोन जीना जरूरी है, यह पट्ठे कब तक समझेंगे.

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