गौतमबुद्ध नगर: टेस्ट में हर चौथा व्यक्ति निकल रहा पॉजिटिव, एक सप्ताह में हालात और बिगड़े -*

हेडलाइंस , 369

नोएडा !

पिछले एक हफ्ते में ही जनपद में पॉजिटिविटी रेट 6 परसेंट से बढ़कर 26 फ़ीसदी हो गया है
जबकि इस दौरान कम संख्या में सैंपल्स की जांच हुई है
बीते सोमवार को गौतमबुद्ध नगर में 6500 लोगों ने कोरोना वायरस का टेस्ट कराया था
बीते शनिवार को सिर्फ 3780 लोगों के सैंपल की टेस्टिंग हो सकी थी
22 अप्रैल तक गौतमबुद्ध नगर में हर रोज करीब 6000 सैंपल जांच के लिए आए थे

गौतमबुद्ध नगर में कोरोना वायरस के आंकड़े लगातार भयावह होते जा रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में ही जनपद में पॉजिटिविटी रेट 6 परसेंट से बढ़कर 26 फ़ीसदी हो गया है। जबकि इस दौरान कम संख्या में सैंपल्स की जांच हुई है। टेस्टिंग में भारी कमी आई है। पहले के मुकाबले पिछले सप्ताह सिर्फ 50 फीसदी के करीब निवासियों का कोरोना टेस्ट किया गया। अन्यथा पॉजिटिविटी रेट के आंकड़े और ज्यादा डरावने होते। जिले में पिछले तीन दिन में ही 3300 से ज्यादा मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। आज जनपद में 655 नए संक्रमित मिले हैं। रविवार के मुकाबले यह 50 फीसदी कम है।


पिछले हफ्ते कम टेस्ट किए गए
हालांकि जिला प्रशासन महामारी को फैलने से रोकने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है। लेकिन अब तक के सारे इंतजाम नाकाफी दिखाई दे रहे हैं। बीते सोमवार को गौतमबुद्ध नगर में 6500 लोगों ने कोरोना वायरस का टेस्ट कराया था। लेकिन दो दिन पहले, बीते शनिवार को सिर्फ 3780 लोगों के सैंपल की टेस्टिंग हो सकी थी। आंकड़े बताते हैं कि पिछले हफ्ते सोमवार से शनिवार तक जनपद में 35000 लोगों ने कोविड टेस्ट कराया था। इसमें से करीब 37 फ़ीसदी निवासियों ने आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच कराई।

*22 अप्रैल तक रोजाना 6000 सैंपल का परीक्षण किया गया*

इसी महीने 19 अप्रैल से 24 अप्रैल तक गौतमबुद्ध नगर के सभी सरकारी जांच केंद्रों पर 35112 लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ था। इसके मुताबिक 5852 लोगों ने रोजाना अपना टेस्ट कराया। आंकड़े बताते हैं कि 22 अप्रैल तक गौतमबुद्ध नगर में हर रोज करीब 6000 सैंपल जांच के लिए आए थे। लेकिन 23 और 24 अप्रैल को इसमें भारी गिरावट हुई। बीते 23 अप्रैल को 5441 तथा 24 अप्रैल को 3780 सैंपल्स का परीक्षण किया गया। ध्यान देने योग्य तथ्य यह है कि 23 और 24 अप्रैल को जनपद में सबसे ज्यादा संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई थी। 23 अप्रैल को 1064 तथा 24 अप्रैल को 970 नए मरीज मिले थे।

*प्राइवेट लैब ने बंद की सेवा*

एक बड़ी मुश्किल ये भी है कि सभी प्राइवेट लैब ने पिछले 1 हफ्ते से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल का कलेक्शन घर से लेना बंद कर दिया है। इसी महीने 17 अप्रैल तक ज्यादातर प्राइवेट अस्पताल और लैब कोरोना वायरस का टेस्ट कर रहे थे। लेकिन अब फिलहाल जनपद में सिर्फ 7 केंद्रों पर ही नमूनों का परीक्षण किया जा रहा है। निजी लैब संचालक घर के बजाए लक्षण वाले मरीजों को अपने केंद्रों पर बुलाकर ही सैंपल कलेक्ट कर रहे हैं।

*स्वास्थ्य कर्मियों के संक्रमित होने से आई कमी*

जिले में कम टेस्टिंग के बारे में जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि, “स्वास्थ्य विभाग के जिन सदस्यों को सैंपल कलेक्ट करने के लिए लगाया गया था, उनमें से इस हफ्ते कई संक्रमित हो गए हैं। अब हमारे पास सीमित संख्या में लोग बचे हैं। इस वजह से टेस्टिंग और कलेक्शन का काम प्रभावित हो रहा है। इसमें थोड़ी गिरावट दर्ज हुई है।” हालांकि उन्होंने कहा कि किसी भी लैब को  घर से सैंपल कलेक्ट करने से मना नहीं किया गया है। डीएम सुहास एलवाई ने कहा कि जनपद में तीन सरकारी अस्पताल लगातार कोरोना वायरस के लक्षण वालें लोगों की जांच कर रहे हैं।

*दूसरी गंभीर बीमारियों से जुझ रहे मरीजों के लिए मुश्किल*

डीएम ने कहा, “जिले के सभी कोविड अस्पतालों को आदेश दिया गया है। उनसे कहा गया है कि कोरोना वायरस के लक्षण वाले मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज करें। भले ही उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई हो।” जिले के ज्यादातर अस्पतालों को कोविड केयर हॉस्पिटल बनाने के बावजूद महामारी से संक्रमित मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहा है। जबकि कोरोना के अलावा दूसरे गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का भी समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। क्योंकि अब हर इलाज और सर्जरी से पहले कोरोना वायरस का टेस्ट रिपोर्ट आवश्यक है। उसके अभाव में संस्थान मरीजों का इलाज करने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना सैंपल की जांच में देरी दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों के लिए खतरा है ।

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