*नोएडा ,गौतमबुधनगर कल डीएम पीपीई किट पहनकर खुद करेंगे अस्पतालों का दौरा, बोले- आम आदमी को बेड देंगे -*
अन्य खबरे Apr 23, 2021 at 10:17 PM , 382नोयडा।
गौतमबुद्ध नगर के प्राइवेट कोविड-19 अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के दौरान हुए फर्जीवाड़े और ऑक्सीजन क्राइसिस (Oxygen Crisis) पर जिलाधिकारी सुहास एलवाई (Suhas LY IAS) एक्शन में आ गए हैं। डीएम ने खास बातचीत में कहा, "शनिवार को वह खुद जिले के तमाम प्राइवेट अस्पतालों में दौरा करेंगे। पीपीई किट पहनकर कोविड-19 वार्डों में जाएंगे। वहां जिन मरीजों को भर्ती किया गया है, उनकी जांच की जाएगी। साथ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी रहेगी। देखा जाएगा कि जो लोग अस्पताल में भर्ती हैं, उन्हें आवश्यकता है या नहीं। इसके अलावा सीएमओ ने जो फर्जीवाड़ा पकड़ा है उस पर भी कार्यवाही की जाएगी।"
जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा, "नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्राइवेट अस्पतालों ने अपात्र लोगों को बेड दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जांच में यह बात सामने आ चुकी है। इन अस्पतालों पर शुक्रवार को कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कल मैं खुद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लेकर कोविड-19 अस्पतालों का दौरा करूंगा। हम लोग पीपीई किट पहनकर वार्डों में जाएंगे। वहां भर्ती किए गए मरीजों की स्थिति देखेंगे। जिसमें पता लगाया जाएगा कि अस्पतालों ने अपात्र मरीजों को किस तरह भर्ती किया है। ऐसे तमाम अस्पतालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।" डीएम सुहास एलवाई से पूछा गया कि जिले के लोगों में कई दिनों से एक आम चर्चा है कि प्राइवेट अस्पताल केवल अमीरों को बिस्तर दे रहे हैं। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें लोगों ने एडवांस बुकिंग करवा रखी हैं। इस पर डीएम ने कहा कि इस तरह के सारे तथ्यों की जांच होगी। हम आम आदमी को अस्पताल में इलाज उपलब्ध करवाएंगे।
*जिले में कृत्रिम रूप से ऑक्सीजन क्राइसिस क्रिएट किया गया*
डीएम ने यह भी कहा कि जिले में ऑक्सीजन क्राइसिस नहीं है। यह क्राइसिस आर्टिफिशियली क्रिएट किया गया है। सारे अस्पतालों में उपलब्ध ऑक्सीजन, पिछले एक सप्ताह के दौरान खर्च की गई ऑक्सीजन, मिली सप्लाई और स्टॉक की जांच की जाएगी। यह भी संभव है कि कुछ अस्पतालों ने ऑक्सीजन का दुरुपयोग किया है। ऐसे अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
आपको बता दें कि गौतमबुद्ध नगर के कोविड-19 अस्पतालों में बिस्तरों को लेकर मची मारामारी और ऑक्सीजन क्राइसिस के बीच बड़ा खुलासा हुआ है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच में सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के प्राइवेट कोविड-19 अस्पतालों ने गलत ढंग से लोगों को भर्ती किया। जिन लोगों को अस्पतालों में भर्ती करने की जरूरत भी नहीं थी, उन्हें पैसा कमाने के लिए बेड एलॉट किए गए। जांच-पड़ताल में ऐसे करीब 200 मामले सामने आए हैं। गुरुवार की शाम डीएम सुहास एलवाई ने ऐसे 200 बेड खाली करवाए हैं। डीएम की ओर से जानकारी दी गई है कि शुक्रवार को इन अस्पतालों के खिलाफ बड़ा लीगल एक्शन होगा। डीएम सुहास एलवाई ने गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक ओहरी से इस जांच पड़ताल की रिपोर्ट तलब की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को एक्शन लिया जाएगा ।।



























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