नोएडा सेक्टर-39 के अस्पताल में एक घण्टे से ऑक्सीजन नहीं, कोविड मरीजों का बुरा हाल

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नोयडा।
नोएडा के सेक्टर-39 में बनाए गए कोविड-19 अस्पताल में पिछले एक घंटे से ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित है। जिसकी वजह से अस्पताल में भर्ती सैकड़ों मरीजों का बुरा हाल है। मरीज सोशल मीडिया पर यह जानकारी दे रहे हैं और जल्दी से जल्दी ऑक्सीजन की आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं। आपको बता दें कि मंगलवार को भी इस अस्पताल में सुबह और शाम के वक्त करीब आधा-आधा घंटे ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित रही थी। इस दौरान मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।


नोएडा में सेक्टर-39 के अस्पताल को ग्रेटर नोएडा में ऑक्सीजन निर्माता कंपनी आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स आपूर्ति करती है। कंपनी पर इस वक्त उत्पादन से ज्यादा आपूर्ति का बोझ है। जिसके चलते बार-बार आपूर्ति बाधित हो रही है। मंगलवार को सुबह और शाम दो बार इस अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई थी। ग्रेटर नोएडा के नोएडा इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस में भी ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। जिसके बाद कंपनी और अस्पताल के कर्मियों में झगड़ा भी हुआ था। अब एक बार फिर पिछले एक घंटे से नोएडा के सेक्टर-39 अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद है। जिससे मरीजों का बुरा हाल है। यहां ज्यादातर मरीजों को ऑक्सीजन के सहारे उपचार दिया जा रहा है।

*मरीजों के परिजनों से कहा- ऑक्सीजन का इंतजाम करें*

कई मरीज और उनके परिजनों ने बताया है कि अस्पताल प्रशासन उनसे ऑक्सीजन का इंतजाम करने के लिए कह रहा है। परिजनों से कहा गया है कि ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। जिसके चलते उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। ऐसे में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए अपने-अपने मरीजों को ऑक्सीजन के टैंक लाकर दें। दूसरी ओर इस मसले पर बात करने के लिए अस्पताल प्रशासन से बातचीत नहीं हो पा रही है।

*आज भी दूसरी बार ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई*

मरीजों ने जानकारी दी है कि बुधवार को भी दूसरी बार ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई है। पहले दोपहर में करीब 12:00 बजे ऑक्सीजन मिलनी बंद हो गई। मरीजों की हालत खराब हुई तो अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में किसी तरह इंतजाम करवाया। करीब एक घंटे बाद ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हुई। अब करीब 3:00 बजे एक बार फिर ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई है। अब तक ऑक्सीजन अस्पताल परिसर में नहीं पहुंची है। मरीजों का बुरा हाल है। एक और सांस लेने में कठिनाई है, दूसरी ओर दहशत की वजह से मरीजों की हालत खराब हो रही है।

*ऑक्सीजन की पूरी आपूर्ति नहीं करा पा रहा स्वास्थ्य विभाग*

सक्रिय संक्रमितों के हिसाब से जिले को प्रतिदिन 60 टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है, लेकिन विभाग सिर्फ 30 टन का ही इंतजाम कर पा रहा है। लिहाजा, ऑक्सीजन के अभाव में संक्रमितों की सांस उखड़ रही हैं। जिले में 18 कोविड अस्पताल हैं। इनमें दो एल-3 और 16 एल-2 श्रेणी के हैं। वहीं, जिला प्रशासन कुछ नए कोविड अस्पताल शुरू करने की योजना बना रहा है। फिलहाल सभी कोविड अस्पतालों में लगभग 1,500 से अधिक बिस्तरों पर ऑक्सीजन की सुविधा है। हालात यह है कि सभी ऑक्सीजन वाले बिस्तरों पर संक्रमित भर्ती हैं। चिकित्सकों के अनुसार ऑक्सीजन की खपत तेजी से बढ़ती जा रही है। ऑक्सीजन सपोर्ट वाला संक्रमित मरीज प्रत्येक दो घंटे में 60 से ज्यादा सिलेंडर खाली कर रहा है। ऐसे में अस्पतालों में ऑक्सीजन की मारामारी शुरू हो गई है। 

*एंबुलेंस में 70 संक्रमितों को पड़ रही ऑक्सीजन की जरूरत*

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रोजाना 70 से अधिक संक्रमितों को एंबुलेंस में ऑक्सीजन सपोर्ट पर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। बीते एक सप्ताह तक 40 संक्रमितों को ऑक्सीजन पर अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन अब संख्या बढ़ गई है। कोविड अस्पतालों में भी आइसीयू में भर्ती संक्रमित को 24 घंटे ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है।

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