लखनऊ मंडल के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को संवारा जाएगा, पर्यटन विकास परियोजनाएं नवंबर तक पूरी करने के निर्देश

जनपत की खबर , 13

लखनऊ, 3 अगस्त। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ मंडल के धार्मिक आस्था स्थलों, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों का विकास कर पर्यटन को नई गति दी जाएगी। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि 1.50 करोड़ रुपये तक की सभी स्वीकृत पर्यटन विकास परियोजनाएं आगामी नवंबर तक हर हाल में पूरी की जाएं।

मंडलायुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की परियोजनाओं की प्रगति तथा वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की विधानसभावार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का भूमि पूजन संबंधित सांसद, विधायक एवं विधान परिषद सदस्यों की उपस्थिति में कराया जाए तथा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में लखनऊ के नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण का निर्माण अक्टूबर तक पूरा करने, सई नदी तट पर घाट, महाराज बिजली पासी किला, कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट के इको-टूरिज्म विकास तथा रवीन्द्रालय की पर्यटन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने नैमिषारण्य, मिश्रिख, गोला गोकर्णनाथ, महादेव मंदिर (गोदलामऊ), शहीद स्मारक मुंशीगंज सहित लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, हरदोई और उन्नाव जनपदों की विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने से पहले अधिकतम परियोजनाओं को पूरा कर लोकार्पण के लिए तैयार किया जाए। साथ ही कार्ययोजना 2026-27 के अंतर्गत प्राप्त नए प्रस्तावों की अभिलेखीय जांच शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य धरातल पर शुरू कराने के निर्देश भी दिए।

जयवीर सिंह ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन, संस्कृति और विरासत संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, विशेष सचिव पर्यटन दीपा रंजन, मृदुल चौधरी, पुरातत्व निदेशक रेनू द्विवेदी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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