यूपी में पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों का हिसाब मांगा, सूचना विभाग ने सभी जिलों से तलब की 17 वर्षों की रिपोर्ट

जनपत की खबर , 54

मान्यता हस्तांतरण, पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे और मान्यता निरस्तीकरण का ब्योरा 28 जुलाई शाम 5 बजे तक मांगा; अपर निदेशक ने जारी किए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने प्रदेशभर के सभी मंडलीय एवं जिला सूचना अधिकारियों से मान्यता प्राप्त पत्रकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। अपर निदेशक अरविन्द कुमार मिश्र की ओर से जारी पत्र में सभी जिलों को 28 जुलाई 2026 की शाम 5:00 बजे तक हर हाल में विस्तृत रिपोर्ट ई-मेल के माध्यम से भेजने को कहा गया है।

विभाग ने वर्ष 2008 से 2025 तक जिला मुख्यालयों के मान्यता प्राप्त मीडिया प्रतिनिधियों की एक संस्थान से दूसरे संस्थान में हुई मान्यता स्थानांतरण की वर्षवार जानकारी मांगी है। इसके साथ ही वर्ष 2009 से 2025 के बीच जिला स्तर के मान्यता प्राप्त पत्रकारों पर दर्ज सभी मुकदमों का वर्षवार विवरण भी तलब किया गया है।

इतना ही नहीं, विभाग ने वर्ष 2016 से अब तक मान्यता प्राप्त पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज होने के आधार पर कितनी पत्रकार मान्यताएं निरस्त की गईं, इसकी भी विस्तृत जानकारी मांगी है।

सूचना विभाग के इस निर्देश को पत्रकारों से संबंधित रिकॉर्ड की व्यापक समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। विभाग ने सभी मंडलीय और जिला सूचना अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयसीमा के भीतर मांगी गई सूचनाएं "प्रत्येक दशा में" उपलब्ध कराई जाएं।

सूचना विभाग के इस कदम के बाद अब प्रदेशभर के जिलों से मान्यता प्राप्त पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों, मान्यता स्थानांतरण और निरस्तीकरण से संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाएंगे, जिससे आगामी नीति या प्रशासनिक निर्णयों के लिए एक समेकित डाटाबेस तैयार होने की संभावना मानी जा रही है।

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