**विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना: पारंपरिक कारीगरों के लिए सुनहरा अवसर, 31 जुलाई तक करें आवेदन; मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण, टूलकिट और मानदेय**

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**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से **विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना** के तहत वित्तीय वर्ष **2026-27** के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। योजना के अंतर्गत कारीगरों को **10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण**, **आरपीएल (Recognition of Prior Learning) प्रमाण-पत्र**, **प्रशिक्षण मानदेय** तथा आधुनिक **निःशुल्क टूलकिट** उपलब्ध कराई जाएगी।
 
इस वर्ष **लखनऊ जनपद** के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के **1,300 लाभार्थियों** को प्रशिक्षण एवं टूलकिट उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना का उद्देश्य बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, लोहार, सुनार, धोबी, कुम्हार, हलवाई, मोची, राजमिस्त्री सहित पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों की आजीविका को मजबूत करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
 
 **इन कारीगरों को मिलेगा लाभ**
 
योजना के अंतर्गत **बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, लोहार, सुनार, धोबी, कुम्हार, हलवाई, मोची एवं राजमिस्त्री** सहित कुल **11 पारंपरिक ट्रेडों** से जुड़े कारीगर आवेदन कर सकते हैं।
 
 **आवेदन के लिए आवश्यक पात्रता**
 
 
- आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी तथा **18 वर्ष या उससे अधिक आयु** का होना चाहिए।
 
- संबंधित पारंपरिक कारीगरी या दस्तकारी से जुड़ा होना आवश्यक है।
 
- परिवार (पति-पत्नी) से केवल **एक सदस्य** ही आवेदन कर सकेगा।
 
- ग्राम प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका/नगर निगम के वार्ड सदस्य द्वारा पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े होने का प्रमाण-पत्र आवश्यक होगा।
 
- आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो) एवं पासपोर्ट आकार का फोटो आवेदन के साथ अपलोड करना होगा।
 

 
 **31 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन**
 
योजना के लिए इच्छुक अभ्यर्थी **31 जुलाई 2026** तक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त पात्र आवेदनों का चयन गठित समिति द्वारा निर्धारित **स्कोर कार्ड प्रणाली** के आधार पर किया जाएगा।
 
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं सहायता के लिए इच्छुक अभ्यर्थी **उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, 8 कैंट रोड, कैसरबाग, लखनऊ** के कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस पर संपर्क कर सकते हैं।
 
सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और प्रदेश के कुटीर एवं लघु उद्योगों को नई मजबूती प्रदान करना है।

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