*चायनीज मांझे पर रोक लगाने के लिए व्यापारियों नें की चर्चा*

जनपत की खबर , 18

*लखनऊ*। लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय में प्रमुख सचिव (राज्य कर) का व्यापारी संवाद सम्पन्न, प्रतिबंधित चाइनीज मांझे पर जागरूकता एवं रोक लगाने पर हुई विस्तृत चर्चा।

आज शनिवार को प्रमुख सचिव, राज्य कर, उत्तर प्रदेश एवं राज्य कर आयुक्त कामिनी रतन चौहान के साथ लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र की अध्यक्षता में व्यापारी संवाद का आयोजन किया गया। 

बैठक का मुख्य विषय प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक एवं जन-जागरूकता रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि लखनऊ के व्यापारी प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का विक्रय नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री मुख्य रूप से कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से हो रही है।

 उन्होंने बताया कि पूर्व में चौक थाने में पुलिस प्रशासन के साथ हुई बैठक में व्यापारियों ने स्वेच्छा से प्रतिबंधित मांझे की चरखियां एवं धागे नष्ट किए थे तथा शपथ ली थी कि भविष्य में प्रतिबंधित मांझे का व्यापार नहीं करेंगे। उसी संकल्प को दोहराते हुए आज पुनः सभी व्यापारियों ने प्रमुख सचिव के समक्ष शपथ ली कि कोई भी व्यापारी जान-माल के लिए खतरा बनने वाले प्रतिबंधित मांझे का विक्रय नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि पहले शहर में पुल कम संख्या में थे, जबकि आज पूरे शहर में ऊंचे-ऊंचे पुल बने हुए हैं। पतंग का धागा इन पर फंस जाने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सभी को मिलकर इस गंभीर समस्या का समाधान करना होगा।
महामंत्री अनुराग मिश्रा ने व्यापारियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं से प्रमुख सचिव को अवगत कराया।

व्यापारी पहले से संकल्पबद्ध है कि प्रतिबंधित माझा नहीं बेचेगा हम इसकी जिम्मेदारी लेते हैं 
जन्हा भी जरूरत होगी उन फ्लाई ओवर में हम व्यापारी मिल कर तार लगाएँगे।

वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि जब व्यापारियों ने स्वयं यह संकल्प लिया है कि प्रतिबंधित मांझा नहीं बेचेंगे, तब प्रशासन को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यदि किसी व्यापारी के यहां जांच की जाए तो संबंधित व्यापारी संगठन एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को भी साथ रखा जाए, जिससे अनावश्यक उत्पीड़न न हो।

लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि यदि प्रतिबंधित मांझे के निर्माण स्तर पर ही प्रभावी रोक लगा दी जाए तो उसका अवैध व्यापार स्वतः समाप्त हो जाएगा।

प्रमुख सचिव (राज्य कर) श्रीमती कामिनी रतन चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि प्रमुख सचिव बनने के बाद लखनऊ व्यापार मंडल के सभागार में व्यापारियों के साथ उनका यह पहला सीधा संवाद है। उन्होंने कहा कि यहां का पारिवारिक वातावरण अत्यंत सुखद है और इतने कम समय के नोटिस पर बड़ी संख्या में व्यापारियों की उपस्थिति सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का विषय केवल किसी एक विभाग का नहीं बल्कि पूरे समाज, पर्यावरण एवं जनसुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान किसी भी व्यापारी, निर्माता अथवा कारीगर का अनावश्यक उत्पीड़न न हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कानून का पालन करते हुए व्यापार संचालित हो।

उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग, गृह विभाग तथा पर्यावरण विभाग इस विषय पर समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं तथा प्रतिबंधित मांझे के निर्माण एवं बिक्री को रोकने के लिए विशेष कानून एवं प्रभावी रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारी मिलकर जन-जागरूकता अभियान चलाएं ताकि आम नागरिक, अभिभावक एवं बच्चे भी सुरक्षित मांझे का ही उपयोग करें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

बैठक के अंत में प्रमुख सचिव ने सभी व्यापारियों एवं लखनऊ व्यापार मंडल का सफल संवाद कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया।

बैठक में प्रमुख रूप से एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 सरबजीत सिंह, रामप्रवेश पांडेय, ज्वाइंट कमिश्नर (संभाग-ए) उदय प्रताप सिंह, आर.पी.जी. राकेश गौतम, राजेश गुप्ता, डिप्टी कमिश्नर राखी सिंह, भूपेंद्र कुमार सिंह, अनिल कुमार, सुभाष यादव, वीरेंद्र मिश्रा, असिस्टेंट कमिश्नर संतोष सिंह, रवि पवार, रामनरेश वर्मा, श्याम सुंदर पाठक, रवि सिंह, शिवेंद्र जायसवाल, राज्य कर अधिकारी संजय सिंह एवं अंकित उपाध्याय उपस्थित रहे।

व्यापार मंडल की ओर से चेयरमैन राजेंद्र कुमार अग्रवाल, अनिल विरमानी, अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा, अनुराग मिश्रा, जितेंद्र सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी, मीडिया महामंत्री सुमित गुप्ता, महामंत्री प्रियंक गुप्ता, सुशील तिवारी, मनजीत सिंह दुआ, कुश मिश्रा, सी पी अग्रवाल, सुरेश कुमार, संजीव अग्रवाल, जगजीत सिंह एवं अतुल त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पतंग विक्रेता एवं निर्माता व्यापारी उपस्थित रहे।

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