मेटा के सुसाइड अलर्ट से बची 19 वर्षीय युवक की जान, अमेठी पुलिस ने महज 8 मिनट में पहुंचकर टाला बड़ा हादसा
अन्य खबरे Jul 11, 2026 at 07:15 PM , 21इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो पोस्ट होते ही सक्रिय हुई यूपी पुलिस; आर्थिक तंगी से अवसादग्रस्त युवक का समय रहते कराया उपचार
लखनऊ/अमेठी। सोशल मीडिया पर आत्महत्या संबंधी पोस्ट पर त्वरित कार्रवाई की उत्तर प्रदेश पुलिस की व्यवस्था ने एक बार फिर एक युवक की जान बचा ली। मेटा (Meta) की ओर से मिले सुसाइड अलर्ट के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अमेठी के जायस थाना पुलिस ने महज 8 मिनट में युवक के घर पहुंचकर उसे आत्मघाती कदम उठाने से बचा लिया।
पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को अमेठी जनपद के जायस थाना क्षेत्र के 19 वर्षीय युवक ने आर्थिक तंगी और मानसिक अवसाद के चलते अपनी कलाई काटते हुए "सब मेरी गलती है भगवान" लिखकर एक वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। रात 12:50 बजे मेटा की ओर से यह सुसाइड अलर्ट पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के माध्यम से प्राप्त हुआ।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर सोशल मीडिया सेंटर ने तत्काल युवक की लोकेशन ट्रेस कर अमेठी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक हरिराम पाल, हेड कांस्टेबल अब्बास खां और आरक्षी प्रदुम्न केवल 8 मिनट में युवक के घर पहुंच गए।
पुलिस ने देखा कि युवक ब्लेड से अपनी कलाई पर कट लगा रहा था और अत्यधिक मानसिक तनाव की स्थिति में था। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसके हाथ से ब्लेड छीन लिया और परिजनों की मदद से उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य होने पर घर भेज दिया गया।
पूछताछ में युवक ने बताया कि वह इंटरमीडिएट पास है और पहले एक निजी कंपनी में एसी रिपेयरिंग एवं वॉशिंग का कार्य करता था। नौकरी छूटने और नई नौकरी न मिलने के कारण वह आर्थिक संकट और मानसिक अवसाद से गुजर रहा था, जिसके चलते उसके मन में आत्मघाती विचार आए।
पुलिस ने युवक की काउंसलिंग कर भविष्य में ऐसा कदम न उठाने का आश्वासन लिया। परिजनों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 से उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच संचालित व्यवस्था के तहत फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी पोस्ट मिलने पर मेटा तत्काल यूपी पुलिस को अलर्ट भेजता है। 1 जनवरी 2023 से 5 जुलाई 2026 तक ऐसे 3,322 मामलों में समय पर कार्रवाई कर उत्तर प्रदेश पुलिस लोगों की जान बचाने में सफल रही है। साथ ही, इस अभिनव पहल के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को SKOCH Award-2025 और The Economic Times GovTech Awards-2026 से भी सम्मानित किया जा चुका है।



























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