**यूपी में दिव्यांग और कुष्ठावस्था पेंशन योजनाओं के लिए ₹1,51,864 लाख से अधिक का बजट मंजूर**

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**91.50% लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन पूरा, पारदर्शी और समयबद्ध पेंशन वितरण पर सरकार का जोर**
 
**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजन और कुष्ठावस्था से प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष **2026-27** के लिए दिव्यांग पेंशन एवं कुष्ठावस्था पेंशन योजनाओं के संचालन हेतु पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है।
 
प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि **दिव्यांग पेंशन योजना के लिए ₹1,47,004.69 लाख** तथा **कुष्ठावस्था पेंशन योजना के लिए ₹4,860 लाख** का बजट निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से पेंशन उपलब्ध कराना है।
 
### **लाभार्थियों के सत्यापन में तेजी**
 
मंत्री ने बताया कि योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। प्रदेश के जिलों में अब तक **91.50 प्रतिशत लाभार्थियों का सत्यापन पूरा** किया जा चुका है, जबकि शेष लाभार्थियों के सत्यापन की कार्रवाई जारी है।
 
इसके लिए शासन स्तर से सभी जिलाधिकारियों और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
 
### **पिछले वर्ष 12 लाख से अधिक दिव्यांगों को मिला लाभ**
 
सरकार के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना के तहत **₹1,43,923.26 लाख की धनराशि खर्च कर 12,23,295 लाभार्थियों को लाभान्वित** किया गया।
 
वहीं, कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत **₹4,785.30 लाख की धनराशि व्यय कर 13,667 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता** प्रदान की गई।
 
### **ऑनलाइन पोर्टल से और आसान होगी पेंशन व्यवस्था**
 
भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप विभाग द्वारा **इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना को एनएसएपी पोर्टल पर ऑनलाइन करने की प्रक्रिया** भी आगे बढ़ाई जा रही है। इसके पूरा होने के बाद लाभार्थियों को पेंशन हस्तांतरण की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी हो सकेगी।
 
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के जरूरतमंद दिव्यांगजनों और कुष्ठ प्रभावित नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का कार्य लगातार जारी रहेगा।

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