टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ एकजुट हुए शिक्षक संगठन, 22 फरवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान

जनपत की खबर , 128

लखनऊ, 15 फरवरी 2026।
टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में उत्तर प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने एक मंच पर आकर संयुक्त आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। राजधानी लखनऊ स्थित शिक्षक भवन में आयोजित बैठक में प्रदेश भर के प्रमुख शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की।
बैठक में बताया गया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए सेवा में बने रहने हेतु टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किए जाने के निर्णय से प्रदेश के हजारों शिक्षकों में रोष व्याप्त है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर इस प्रकार की बाध्यता न्यायसंगत नहीं है और इससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी।
बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ तथा उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में सहभागिता करते हुए आंदोलन का समर्थन किया।

चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
बैठक में निम्नलिखित कार्यक्रम घोषित किए गए—
22 फरवरी 2026 को अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक प्रदेश भर में एक्स (पूर्व ट्विटर) पर हैशटैग अभियान चलाया जाएगा।
23 से 25 फरवरी 2026 तक सभी शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे।
26 फरवरी 2026 को दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा तथा बीएसए कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मार्च के तीसरे सप्ताह में नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल महारैली आयोजित कर केंद्र सरकार को ज्ञापन दिया जाएगा।
शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने समय रहते इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठनों का कहना है कि वे शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं।
बैठक में कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे और सभी ने एकजुटता के साथ आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

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