*उत्तर प्रदेश दिवस 24 जनवरी के अवसर पर प्रदेश की विकास यात्रा, क्षमता एवं सामर्थ्य तथा सांस्कृतिक विरासत और उपलब्धियों की झलक प्रस्तुत की जाएगी* *- जयवीर सिंह*

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लखनऊ: 23 जनवरी, 2026

राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर 24 से 26 जनवरी तक आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश दिवस समारोह में प्रदेश की पर्यटन क्षमता और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के स्टॉल पर विभागीय एवं पीपीपी मोड पर संचालित योजनाओं, माघ मेला-2026, बुंदेलखंड के पर्यटन स्थल, विरासत संरक्षण, इको टूरिज्म बोर्ड की महत्वपूर्ण पहलों तथा यूपीएसटीडीसी की लखनऊ दर्शन जैसे सफल प्रयासों और उपलब्धियों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया जाएगा। 

यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि अब की बार यूपी दिवस को गांव से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की तैयारी की गई है। इसके अलावा देश के लगभग 20 राज्यों में यूपी दिवस मनाया जाएगा। इसमें प्रदेश के उपमुख्यमंत्री से लेकर मंत्रीमण्डल के वरिष्ठ सदस्य भागीदारी करेंगे। उन्होंने बताया कि विदेशों में भारतीय दूतावासों जैसे-फिजी, त्रिनिदाद, टोबैगो एवं सूरीनाम जहां पर यूपी के लोग निवास करते है। वहां पर भव्य ढंग से आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में श्रीमती आनंदीबेन पटेल, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मा0 मुुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह शामिल होगें। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह जी इस भव्य आयोजन के मुख्य अतिथि होगे। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले हस्तियों को सम्मानित भी किया जाएगा।  

मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश दिवस को पहले से कहीं अधिक भव्य और व्यापक स्वरूप में मनाया जा रहा है। ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाएं और विश्व विख्यात पर्यटन स्थलों को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। इस अवसर पर बौद्ध, जैन, रामायण, महाभारत सहित प्रदेश के सभी 12 पर्यटन सर्किटों से जुड़ी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आमजन के समक्ष प्रदर्शित किया जाएगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन अनुरूप यूपी दिवस-2026 के मंच से बुंदेलखंड की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। कालिंजर किले को विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि झांसी, चित्रकूट, ललितपुर, महोबा और बांदा के ऐतिहासिक स्थलों व जलप्रपातों की जानकारी के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुंदेलखंड क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से उभारना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि उत्तर प्रदेश दिवस-2026 राज्य की पर्यटन क्षमता, सांस्कृतिक विरासत और निवेश अनुकूल वातावरण को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर पर्यटन विभाग के स्टॉल के माध्यम से विरासत संरक्षण, इको-टूरिज्म, पीपीपी मॉडल पर विकसित परियोजनाओं तथा यूपीएसटीडीसी की नवाचारी पहलों को एक समग्र दृष्टिकोण के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है। यह आयोजन प्रदेश के 12 पर्यटन सर्किटों की विविधता को प्रस्तुत करने के साथ उत्तर प्रदेश को एक सतत, आधुनिक और वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगा।

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