*सुशासन दिवस पर सीबीसी लखनऊ द्वारा किया गया कार्यक्रम का आयोजन*

जनपत की खबर , 97

लखनऊ, 25 दिसम्बर, 2025
केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, लखनऊ  द्वारा 25 दिसंबर को  पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस एवं विकसित भारत-जी राम जी विषय पर कुम्हरावां इण्टर कॉलेज, बीकेटी, लखनऊ परिसर में प्रातः 11 बजे से गोष्ठी,व्याख्यान, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया  गया।
इस समेकित कार्यक्रम के तहत आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रम में सुशासन दिवस के विविध आयाम और  विकसित भारत-जी राम जी 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नयी गारंटी पर चर्चा की गई और संबंधित विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम जादू दिखाकर जन समूह का मनोरंजन किया गया l 
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुम्हरावां इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य शिवेंद्र सिंह ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सुशासन दिवस के माध्यम से अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों की प्रेरणा उनके नेतृत्व, सुचिंतित नीति और लोकतांत्रिक मूल्यों से प्रेरणा लेकर बेहतर शासन व्यवस्था की ओर कदम बढ़ाना है l अच्छा  सुशासन ही मजबूत लोकतंत्र और विकसित भारत की नींव है। सुशासन ऐसी शासन व्यवस्था जो पारदर्शी, उत्तरदायी, सहभागी और प्रभावी हो।
विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री ईश्वर चंद मौर्या, सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि सुशासन दिवस पूर्व प्रधान मंत्री जी के जन्मदिन पर मनाया जा रहा है, इसीलिए माननीय अटल बिहारी बाजपेई जी के जीवन दर्शन को अपनाते हुए अच्छे शासन की परिकल्पना की जा सकती है।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान, शहादत नगर ने बताया कि अटल बिहारी बाजपेई जी बहुत ही असाधारण व्याक्ति थे वे हर कठिनाई को जमकर मुकाबला करते रहे, अपने व्यक्तित्व के बल पर तीन तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। उनके आदर्शो पर चलकर देश को आगे बढ़ाया जा सकता है।
केंद्रीय संचार ब्यूरो, लखनऊ के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी, जय सिंह ने कार्यक्रम के बारे जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन का अर्थ केवल शासन करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। ऐसा शासन जो पारदर्शी हो, जवाबदेह हो, संवेदनशील हो और समयबद्ध ढंग से जनसमस्याओं का समाधान करे—वही सच्चा सुशासन कहलाता है। जब योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचता है, तब सुशासन की सार्थकता सिद्ध होती है। सुशासन दिवस मनोरंजन के साथ ग्रामीण जन को सरकार की कल्याणकारी, नीतियों, योजनाओं की जानकारी दी गई l
इस अवसर पर उपस्थित जन समूह के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित किया गया और विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। 
इस अवसर पर गोविंद कश्यप, पवन तिवारी, जितेंद्र कुमार, अनिल प्रताप यादव, आशीष यादव सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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