“जनजाति भागीदारी उत्सव में चमका अवधी स्वाद, नव अंशिका फाउंडेशन का स्टॉल बना आकर्षण”

जनपत की खबर , 179

लखनऊ, 13 नवम्बर। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान द्वारा 13 से 18 नवम्बर तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित “जनजाति भागीदारी उत्सव” में नव अंशिका फाउंडेशन की ओर से अवधी व्यंजनों का विशेष फूड स्टॉल लगाया गया है।

स्टॉल का संचालन कर रहीं नीशू त्यागी ने बताया कि नव अंशिका फाउंडेशन न केवल पारंपरिक अवधी व्यंजनों को लोगों तक पहुँचा रही है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

स्टॉल पर आने वाले आगंतुकों में चावल का फराह, गुड़ के पारे, देसी घी के लड्डू, मटर की घुघरी, गट्टे की सब्जी, कढ़ी, चावल की पूड़ी, बंडे की चाट, गुबाल की चाय और शकरकंदी के कचालू सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। यहाँ अवधी थाल भी उपलब्ध है।

नीशू त्यागी ने बताया कि हाल ही में लखनऊ के खानपान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। यूनेस्को ने लखनऊ को “क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी” घोषित किया है। इसका प्रभाव युवाओं में भी देखने को मिल रहा है, जो अब पिज़्ज़ा, चाऊमीन और मोमोज की तुलना में पौष्टिक और स्वादिष्ट भारतीय व्यंजनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि आयोजन के पहले ही दिन फराह, बंडे की चाट और घुघरी आउट ऑफ स्टॉक हो गए। स्टॉल पर इको-फ्रेंडली पैकिंग और टेकअवे की विशेष सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके कारण लोग बड़े पैमाने पर पैकिंग कराकर पारंपरिक अवधी स्वाद घर ले जा रहे हैं।

नव अंशिका फाउंडेशन के माध्यम से वंचित महिलाओं को न केवल पकवान बनाने की प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन, UPI पेमेंट सिस्टम और मानकों के अनुरूप स्वच्छता से काम करना भी सिखाया जा रहा है।

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