एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई : लखनऊ में ऑक्सीटोसिन तस्करी गिरोह का भंडाफोड़

जनपत की खबर , 163

₹1 करोड़ मूल्य के अवैध इंजेक्शन बरामद, बिहार और गाजियाबाद से होती थी सप्लाई

लखनऊ । उत्तर प्रदेश एसटीएफ को शनिवार को एक बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ की टीम ने अन्तर्राज्यीय स्तर पर ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की अवैध तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। टीम ने इनके कब्जे से करीब ₹1 करोड़ मूल्य के ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और निर्माण सामग्री बरामद की है।

उजरियांव स्थित मकान में चल रही थी अवैध फैक्ट्री

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र के ग्राम उजरियांव में अवैध रूप से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन तैयार किए जा रहे हैं। सूचना पर उपनिरीक्षक हरीश सिंह चौहान के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस और औषधि विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने मौके से दो आरोपियों — कयूम अली और मो. इब्राहिम — को गिरफ्तार किया।

भारी मात्रा में बरामदगी

छापेमारी के दौरान टीम को 1018 शीशियां (180 एमएल) ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, 70 लीटर द्रव ऑक्सीटोसिन, 16,500 खाली शीशियां, 09 कैप सीलर, एल्यूमिनियम कैप, रबर कैप, फिनायल, विनेगर, और पैकिंग सामग्री बरामद हुई।

बिहार और गाजियाबाद से आती थी आपूर्ति

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बिहार और गाजियाबाद से ऑक्सीटोसिन पाउडर व पैकिंग सामग्री मंगाकर लखनऊ और आसपास के जिलों में इंजेक्शन की अवैध सप्लाई करते थे। बरामद इंजेक्शन के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

अवैध ऑक्सीटोसिन बिक्री पर सख्त प्रतिबंध

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन संख्या 242(E), दिनांक 03 अप्रैल 2001 के अनुसार ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री केवल सिंगल यूनिट ब्लिस्टर पैक में ही वैध है। अवैध रूप से इसका उपयोग जन-स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध थाना गोमतीनगर, कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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