पुलिस स्मृति दिवस
जनपत की खबर Oct 21, 2025 at 11:01 AM , 202पुलिस स्मरण दिवस...उस शहादत की याद जब चीन से लोहा लेते हुए पुलिस जवानो की शहादत हुई पुलिस का वाह्य और और आंतरिक सुरक्षा मे बहुत यादगार योगदान हमेशा रहा है शतत रहा है अनवरत रहा है कभी कभार अतीत और वर्तमान के तुलनात्मक अध्ययन से कुछ तथ्यात्मक बातों पर विचार करने की जरूरत है पिछले दशकों में अगर वास्तव मे अपराध नियंत्रण पर कोई कारगर काम नहीं हुआ पुलिस प्रशासन अपराधी के आगे बहुत कारगर नही रहे तो कभी कभी सहज सवाल मन मे आता है कि तमाम वीरता के लिए पुरस्कार किस लिए दिये गये होंगे इतनी बड़ी संख्या में शहादते भी हुई तमाम पुलिस अधिकारी आज न्यूज़ चैनलों पर आते हैं और अपने शानदार अतीत को ही प्रभावहीन करने मे लगे रहते हैं जाहिरा.तौर पर ये उन तमाम शहीद पुलिसकर्मियों पुलिस अधिकारियों का अपमान भी तो है जिन्होंने अपराधी तत्वों से लड़ते हुए अपनी शहादत दी, आती जाती सरकारों में तमाम निजाम बदले पर एक स्थाई नौकरी वाला तो उसी व्यवस्था में रहा वो हमेशा सजग रहा होगा सबल रहा होगा किसी मुठभेड़ में किसी जनप्रतिनिधि नेता ने अपराधी को गिरफ्तार नहीं किया होगा उसको मारा नही होगा जो भी किया जितना भी किया इसी खाकी वर्दी धारी जांबाजों ने किया होगा तभी तो उसका एक सामाजिक सम्मान रहा हमने ऐसे ऐसे थानेदारों के बारे में अपने छात्र जीवन में सुना और देखा भी जिनके आने से इलाके के अपराधी थर्राते थे सब गलत तो नही रहा होगा...
बंबईया फिल्मों की कहानी में कम से कम 80 प्रतिशत फिल्मे पुलिस अधिकारियों को केंद्र में लेकर ही बनाई गई हैं उनके सभी किरदार सफलता में बेहद हिट रहे हैं जंजीर से लेकर सिंघम तक चुलबुल पांडे से लेकर गंगाजल तक हमारे दिलों दिमाग में आज भी वो खाकी वर्दी और कंधे पर स्टार और अशोक चक्र वाले किरदार की जोरदार शख्सियत रही हैएक खास पहचान और इज्जत रही है हम अपवादों को नियम बनाकर अतीत को कोसने के आदी हो चुके हैं उसको नकारा घोषित करने की हमारी मुहिम हमे कंहा से कंहा ले जा रही है पुलिस हमेशा जांबाज़ रही है पुलिस स्मृति दिवस पर शहादत को नमन आप हमेशा सबल सक्षम और कर्तव्य निष्ठ रहे पुलिस हमारी मित्र और सहयोगी रही है मैं सभी पुलिसकर्मियों सभी अधिकारियों का पुलिस स्मरण दिवस पर सादर अभिनंदन करता हूं जय हिन्द जय भारत....































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