लखनऊ बाराबंकी के बाडर पर स्थित श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने जमकर किया प्रदर्शन, पुलिस ने छात्रों को सड़क पर गिरा-गिराकर पीटा
जनपत की खबर Sep 01, 2025 at 06:10 PM , 194लखनऊ।
लखनऊ बाराबंकी के बाडर पर स्थित श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में छात्रों ने आज जमकर प्रदर्शन किया। ABVP की अगुआई में पर बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। छात्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मौके पर पुलिस बल को भी बुला लिया। पुलिस ने छात्रों को सड़क पर गिरा-गिराकर लाठियों से पीटा प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मनमानी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी हुई। कई छात्रों ने यूनिवर्सिटी के गेट पर चढ़कर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उनकी आवाज को दबाने के लिए उन्हें कॉल और मैसेज पर आंदोलन में न शामिल होने की धमकी दी जा रही है। साथ ही प्रदर्शन में शामिल छात्रों का निलंबन करने की बात कही जा रही है। छात्रों का आरोप है कि श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से लगातार की जा रही अवैध वसूली और BCI से संबद्धता न होने पर भी 2022 से शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। छात्रों नें बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से आए दिन किसी न किसी बहाने से मनमानी फीस की डिमांड की जाती है और फीस न जमा करने पर विश्वविद्यालय की तरफ से 5 हजार तक का जुर्माना भी लगा दिया जाता है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से मनमानी पर उतर आया है। उधर छात्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मौके पर पुलिस बल को भी बुला लिया। बताते चलें बाराबंकी थाना कोतवाली नगर स्थित राम स्वरूप यूनिवर्सिटी में आज छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई। एलएलबी कोर्स की मान्यता को लेकर विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस और छात्रों के बीच नोक झोंक शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने छात्रों को सड़क पर गिरा-गिराकर लाठियों से पीटा। ABVP अवध प्रांत के प्रदेश मंत्री पुष्पेंद्र बाजपेई ने बताया कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां की लॉ डिग्री की मान्यता नहीं है। ऐसे में लॉ छात्रों के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने बताया कि साल 2022 से विधि विभाग की बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से संबद्धता के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है, जिससे छात्रों को फर्जी झांसा देकर उनके भविष्य को अंधकार में धकेला जा रहा है। जब छात्रों ने इस बाबत सवाल किया तो छात्र आदर्श पांडे और अभय राम त्रिपाठी को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया स्टूडेंट्स ने ये भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय द्वारा मनमानी फीस वसूली जा रही है। छात्रों से मनमाने ढंग से फीस और विलंब होने पर भारी अर्थदंड वसूला जा रहा है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर राष्ट्रीय पर्व का विरोध करने का भी आरोप लगाया। छात्रों का कहना था कि 15 अगस्त के अवसर पर छात्रों द्वारा निकाली गई 'सतत तिरंगा यात्रा' का भी प्रशासन ने विरोध किया था। आंदोलन कर रहे छात्रों ने बताया कि आज जब इन मुद्दों पर बात करने के लिए ABVP का प्रतिनिधिमंडल कुलपति डॉ. विकास मिश्रा से मिलने उनके कार्यालय गया, तो कुलपति ने छात्रों से संवाद करने के बजाय पुलिस बल का प्रयोग किया। कुलपति के कहने पर पुलिस द्वारा उन पर लाठी चार्ज किया गया। हंगामा के चलते यूनिवर्सिटी के अंदर के छात्र बाहर नहीं जा पा रहे थे और बाहर के छात्र कैंपस में भी नहीं आ पा रहे थे पुलिस की कार्रवाई में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता घायल हो गए। इन्हें अयोध्या रोड के मेयो हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। घायलों में अभिषेक बाजपेई, पुष्पेंद्र बाजपेई, प्रत्युष पांडेय, अर्पित शुक्ला, विवेक मिश्रा, अंकुर मिश्रा, अंकित पांडेय, आशुतोष राय शामिल हैं। प्रत्यूष पांडेय ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान अचानक विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कुछ गुंडों ने आकर हमला बोल दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिससे कई ABVP कार्यकर्ता समेत स्टूडेंट्स घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने महिला छात्राओं पर भी लाठियां बरसाईं। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ छात्र संगठनों में रोष है। वहीं BCI से संबद्धता न होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन कुछ भी बोलने से कतरा रहा है। स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।































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