अद्भुत नदी: डावकी नदी

परिवेश , 676

अमरेन्द्र सहाय अमर आज भारत ही नही अधिकतर देशो की नदियाँ प्रदूषित हो रही है. नदियों, झीलों, तालाबो और पोखरों के प्रदूषित होने का कारण सिर्फ हम हैं. नदियों की बात छोड़ दें समुद्र और अन्तरिक्ष को भी इंसान ही प्रदूषित कर रहा है. अपने स्वार्थ के कारण नदियों में कल कारखानों के प्रदूषित पानी, नगरो के सीवर लाइन की गंदगियाँ, प्लास्टिक और कूड़े, कचरे खूब डाले जा रहे है. गंगा, यमुना सहित देश की तमाम नदियों की सफाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है. इन पर अच्छा खासा    धन व्यय हो रहा है. लेकिन हम आज एक ऐसी नदी के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे  है, जिसके बारे में पढ़ कर आपको सुकून मिलेगा. मेघालय राज्य में एक ऐसी नदी है जिसे सबसे स्वच्छ नदी का दर्जा मिला हुआ है. इस नदी पर नाव पर सवारी करने पर ऐसा लगता है मानो आपकी नाव कांच पर चल रही है. इस नदी का नाम है उमनगोत. लेकिन यह डावकी नदी के नाम से प्रसिद्ध है.  जब पर्यटको ने इस नदी में नाव से यात्रा की तो उसकी तस्वीरे सोशल मीडिया पर डाला. इसके बाद इस डावकी नदी चर्चा में आई. लोगों में यह चर्चा होने लगी कि यह आखिर कौन सी नदी है ?  इस नदी की तस्वीरों ने लोगों को बहुत आकर्षित किया. यह डावकी नदी भारत बांग्ला देश के बार्डर पर स्थित एशिया के सबसे स्वच्छ गाँव मायलननोंग के पास है. यह बांग्ला देश में बहने से पहले जयन्तिया और खासी हिल्स के बीच से गुजरती है. यह नदी इतनी साफ और स्वच्छ है इस नदी में चलने वाली नाव एकदम साफ साफ पानी पर तैरता हुआ दिखता है. आप नाव से इस नदी के तली में पाए जाने वाले पत्थरों  तथा दूसरी वस्तुओं  को भी साफ साफ देख सकते हैं . यह नदी इतनी साफ और पारदर्शी है कि आप इसमें अपना चेहरा देख सकते है  वर्ष 2003 में मायलननोंग को गाड्स आन गार्डन का दर्जा मिला था. यहाँ नदी की साफ सफाई के अलावा एक और चीज आकर्षित करने वालीहै, वह यह कि इस गाँव की साक्षरता शत प्रतिशत है. इस गाँव में कोई अनपढ़ नही है. इस गाँव के लोग नियमित रूप से इस नदी की सफाई करते रहते हैं. इस नदी के आस पास के नजारे सुन्दर और अद्भुत हैं. यहा पक्षियों के कलरव के साथ नदी पर पड़ती सूरज की किरने अद्भुत दृश्य उत्पन्न करते है . यहाँ का वातावरण इतना अच्छा रहता है आस पास पानी की गिरने वाली आवाज अच्छी  तरह सुना जा सकता है. यहाँ का वातावरण माह नवम्बर से अप्रैल तक समय पर्यटन की दृष्टि बहुत अच्छा होता है , इस नदी में बहुत अधिक संख्या में मछलियाँ पाई जाते है. सर्दी के दिनों में यह नदी बहुत सुन्दर और साफ हो जाते है . यः आने वाले सभी पर्यटकों को स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि यहाँ किसी तरह की गंदगी ना फेलायर अगर वे ऐसा करते है तो उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगा. यहाँ के लोग स्वयं नदी, गाँव और अपने आस पास की स्वच्छता का ख्याल रखते हैं।

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