नगर क्षेत्र जोन एक में बच्चों ने उत्सुकता के साथ मनाया "राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस"

जनपत की खबर , 326

लखनऊ।
भारत ने अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस आज मनाया। आज का यह दिन चंद्रयान-3 मिशन की चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग की पहली वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है। आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन किया देश भर ने पहले नेशनल स्पेस डे को मनाया स्कूलों-कॉलेजों में भी आज विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया किया गया। बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति उत्सुकता बढ़ाने के उद्देश्य से नगर क्षेत्र जोन एक के विद्यालयों में नेशनल स्पेस डे की धूम मची रही. इसी के तहत
बेसिक विद्यालय अलीनगर सुनहरा नगर क्षेत्र जोन एक में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय के छात्रों नें विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से चंद्रयान मिशन की असफलता से लेकर सफलता तक की कहानी को प्रस्तुत किया। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेश कुमार पाण्डेय ने बच्चों को बताया कि 14 जुलाई को भारत के चंद्रयान-3 ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन केंद्र से चांद की सतह पर पहुंचने के लिए उड़ान भरी थी। 23 अगस्त 2023 भारत के इतिहास में स्वर्ण पन्नों पर लिखा गया दिन है। क्योंकि इस दिन भारत ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। इसी दिन भारत के विक्रम लैंडर ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी। जिसके बाद भारत विक्रम लैंडर को चांद पर उतारने वाला चौथा देश और दक्षिणी ध्रुव पर लैंड कराने वाला पहला देश बना। जिस पॉइंट पर विक्रम लैंडर को लैंड कराया गया उसे शिव शक्ति पॉइंट कहा जाता है। जिसके बाद प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर भ्रमण कर के वहां की जानकारी हमारे वैज्ञानिकों तक पहुंचाता है। इसके साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लाईव प्रसरण के माध्यम से भाषण को सुनकर विद्यालय में शिक्षा मित्र सुनीता यादव के साथ उपस्थित 116 बच्चों ने उत्सुकता के साथ राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया।

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