लखनऊ में अशोक लेलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र का उद्घाटन, यूपी को मिली हरित औद्योगिक पहचान
लखनऊ Jan 09, 2026 at 08:57 PM , 85लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड के नवीन विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया गया। इस संयंत्र के शुरू होने के साथ ही प्रदेश में वाहन निर्माण और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। यह संयंत्र विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन पर केंद्रित है, जिससे लखनऊ को हरित औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलने जा रही है।
अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि योगी सरकार के सहयोग, प्रशासनिक तत्परता और स्पष्ट नीतियों के कारण इस संयंत्र को रिकॉर्ड समय में तैयार किया जा सका। उन्होंने बताया कि यह उत्तर प्रदेश में अशोक लेलैंड का पहला विनिर्माण संयंत्र है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से निवेश को बढ़ावा
उद्घाटन के अवसर पर धीरज हिंदुजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश के लिए एक मजबूत, भरोसेमंद और पारदर्शी तंत्र विकसित किया गया है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी, प्रभावी कानून व्यवस्था और जवाबदेह प्रशासन आज उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुके हैं, जो निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘फियरलेस बिजनेस’ और ‘ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए जाना जा रहा है। इस निवेश से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
निवेश के लिए भरोसेमंद माहौल
धीरज हिंदुजा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश की मजबूत रक्षा व्यवस्था और स्थायित्व से निवेशकों में विश्वास बढ़ा है। साथ ही केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के नेतृत्व में उद्योगों के लिए तैयार किए जा रहे सकारात्मक वातावरण की भी उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की पहल के कारण इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में देश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार संयंत्र
कंपनी के अनुसार लखनऊ का यह संयंत्र भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां आधुनिक विनिर्माण तकनीक और डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से तेज गति से इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन किया जा सकेगा।
स्थानीय समुदाय को मिलेगा लाभ
धीरज हिंदुजा ने कहा कि जहां भी अशोक लेलैंड का संयंत्र स्थापित होता है, वहां स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। उत्तर प्रदेश में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कंपनी की ‘रोड टू स्कूल’ पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों के 25 हजार से अधिक छात्रों को पोषण और शिक्षा सहायता प्रदान की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि अशोक लेलैंड की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी और आज यह कंपनी 15 देशों में भारतीय विनिर्माण क्षमता और तकनीकी सामर्थ्य का वैश्विक स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रही है।































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