उत्तर प्रदेश में गिफ्ट डीड पर बड़ी राहत: अब पारिवारिक संपत्ति के दान पर अधिकतम 5,000 रुपये स्टाम्प शुल्क
लखनऊ Jan 09, 2026 at 08:47 PM , 280लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत देते हुए पारिवारिक सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान विलेख (गिफ्ट डीड) पर स्टाम्प शुल्क में विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 द्वारा 08 जनवरी, 2026 को औपचारिक अधिसूचना एवं शासनादेश जारी कर दिया गया है।
भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए शासन ने अब आवासीय और कृषि संपत्तियों के साथ-साथ व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी अधिकतम 5,000 रुपये स्टाम्प शुल्क निर्धारित कर दिया है। इससे पहले यह सुविधा केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक ही सीमित थी।
प्रदेश के स्टाम्प तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रविंद्र जायसवाल ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” की अवधारणा को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पारिवारिक संपत्तियों के हस्तांतरण में आसानी होगी और कानूनी विवादों में भी कमी आएगी।
शासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह छूट केवल प्राकृतिक व्यक्तियों (Natural Persons) के बीच किए गए दान पर ही लागू होगी। किसी फर्म, कंपनी, ट्रस्ट या अन्य विधिक संस्था के स्वामित्व वाली संपत्तियों अथवा उनके पक्ष में किए गए दान पर यह रियायत मान्य नहीं होगी।
अधिसूचना के अनुसार, यह छूट पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्रवधू (पुत्र की पत्नी), सगा भाई, सगी बहन, दामाद (पुत्री का पति), पौत्र एवं पौत्री (पुत्र/पुत्री के पुत्र-पुत्री) के पक्ष में किए गए दान विलेखों पर लागू होगी। यदि सगे भाई का निधन हो चुका हो, तो उसकी विधवा के पक्ष में किए गए दान पर भी यह छूट मिलेगी।
इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण शर्त भी जोड़ी गई है कि यदि इस छूट का लाभ लेकर प्राप्त की गई संपत्ति को रजिस्ट्री की तिथि से पांच वर्ष के भीतर पुनः दान किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में यह रियायत लागू नहीं होगी।
गौरतलब है कि पंजीकरण अधिनियम, 1908 के तहत अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य है। इस नई व्यवस्था से आम जनता को उल्लेखनीय आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।































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